Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करों के बुरे दिन शुरू होने वाले हैं। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने नशे के खिलाफ एक बड़ा फैसला लिया है। अब तस्करों पर कार्रवाई केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस ने शिमला, मंडी और धर्मशाला रेंज को सीधी कार्रवाई का अधिकार दे दिया है। इससे तस्करों को पकड़ने में अब कोई भी प्रशासनिक रुकावट नहीं आएगी। पुलिस रेंज अब अपने स्तर पर बड़े एक्शन ले सकेंगी।
जिले की सीमा अब नहीं बनेगी बाधा
सरकार ने माना है कि चिट्टा तस्करी का जाल अब एक जिले तक सीमित नहीं रह गया है। यह नेटवर्क कई जिलों और रेंज के क्षेत्रों में फैल चुका है। पहले जिला पुलिस की सीमाएं कार्रवाई में आड़े आती थीं। इससे तस्करों को भागने का मौका मिल जाता था। अब रेंज स्तर पर अधिकार मिलने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। पुलिस अब तस्करों के खिलाफ सीधे और तेजी से एक्शन ले सकेगी।
स्पेशल टास्क फोर्स को मिली ‘खुली छूट’
इस नई व्यवस्था के तहत रेंज स्तरीय स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है। एसटीएफ को अपने अधीन आने वाले सभी जिलों में कार्रवाई करने की पूरी आजादी होगी। यह फोर्स स्वतंत्र रूप से कहीं भी छापेमारी और गिरफ्तारी कर सकेगी। इससे न केवल खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान बेहतर होगा, बल्कि बड़े गिरोहों को तोड़ने में मदद मिलेगी। पुलिस का मकसद नशे के सौदागरों और उन्हें पनाह देने वाले सफेदपोशों तक पहुंचना है।
डीजीपी बोले- जीरो टॉलरेंस पर होगा काम
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने इस नई रणनीति की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। चिट्टा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब कार्रवाई जिला स्तर पर नहीं रुकेगी, बल्कि तीनों मुख्य पुलिस रेंज के जरिए सीधा प्रहार किया जाएगा।
