Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। राज्य की सभी पंचायतों में 21 और 22 जनवरी को विशेष ‘एंटी चिट्टा ग्राम सभा’ आयोजित होंगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सचिवालय में अफसरों के साथ बैठक कर यह बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब चिट्टा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए उनकी संपत्तियों को मिट्टी में मिलाने की तैयारी कर रही है। इन सभाओं में नशा छुड़ाने और युवाओं के पुनर्वास पर भी चर्चा होगी।
तस्करों की प्रॉपर्टी पर चलेगा बुलडोजर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने साफ कर दिया है कि चिट्टा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने तस्करों और उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी संपत्तियों को तुरंत ध्वस्त किया जाए। सरकार सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त रणनीति अपना रही है। हर पंचायत में नशे के हालात की पूरी मैपिंग की जाएगी। इस काम की निगरानी के लिए दूसरे विभागों के अफसर पर्यवेक्षक के रूप में तैनात रहेंगे।
प्रीमियर लीग की तर्ज पर होंगे खेल टूर्नामेंट
नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के लिए सरकार एक अनोखा तरीका अपनाएगी। प्रदेश में ‘प्रीमियर लीग’ की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट होंगे।
- इसमें कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल होंगे।
- यह मुकाबले ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर खेले जाएंगे।
- विजेता टीमों को मुख्यमंत्री खुद ईनाम की राशि देंगे।
स्कूली किताबों में जुडे़गा नया पाठ
सरकार अब शिक्षा के जरिए भी नशे पर प्रहार करेगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं। स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों में चिट्टा के दुष्प्रभावों पर एक नया अध्याय जोड़ा जाएगा। इससे बच्चे बचपन से ही नशे के खतरों को समझ सकेंगे। इसके अलावा, पंचायत प्रधानों को नशा निवारण समितियों में खास जगह दी जाएगी। इस मुहिम में महिला मंडलों की भी मदद ली जाएगी।
