कोरोना काल को देखते हुए पहली से चौथी कक्षा तक के छात्रों की नए सत्र में भी कम से कम एक माह तक ऑनलाइन पढ़ाई ही होगी। इसको लेकर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने अभी से ही तैयारी कर दी है। जिला उपनिदेशकों सहित प्रधानाचार्यों को कहा गया है कि नए सत्र में ऑनलाइन छात्रों को कैसे पढ़ाना है, इसको लेकर अभी से ही प्लानिंग बनाने को कहा गया हे। जानकारी मिली है कि शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल बनानी शुरू कर दी है, साथ ही उसमें कहा गया है कि एक महीना लेट छात्रों को स्कूलों में फिजीकली कक्षाओं के लिए बुलाया जाए। ऐसे में विभाग ने सोचा है कि अप्रैल की जगह मई में पहली से चौथी कक्षा तक के छात्रों की कक्षाओं को नियमित रूप से शुरू किया जाए। बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने से शिक्षा विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। 31 मार्च तक इन छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षाएं ली जा रही हैं। पहली अप्रैल से सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना है।

आपको बता दें कि आने वाले दिनों में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इसको लेकर चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पांचवीं से 12वीं कक्षा तक स्कूलों को फरवरी से प्रदेश में खोल दिया गया है। इन दिनों इन कक्षाओं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ली जा रही हैं। 31 मार्च को इन कक्षाओं का वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया जाना है। बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में होनी हैं। निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिया गया है। शिमला समेत कई शहरों में निजी स्कूलों में 5वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के चलते विद्यार्थियों को एक दिन छोड़कर बुलाया जा रहा है।

छोटे बच्चों से नियमों का पालन आसान नहीं होगा

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल कुछ दिन तक स्कूल बंद रखना ठीक रहेगा। छोटे बच्चों से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए बनाए गए नियमों का पालन करवाना आसान नहीं है। ऐसे में सरकार को प्रस्ताव भेजकर पहली से चौथी कक्षा के स्कूल फिलहाल बंद रखने की मांग की जाएगी। इसको लेकर अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।

By

error: Content is protected !!