मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया बोह क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण, जान गंवाने वालों के परिवार को मिलेगा मुआवजे

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा जिले के बोह में आपदा प्रभावित परिवारों की सरकार हरसंभव मदद करेगी। इस आपदा में अपने घरों को गंवाने वाले परिवारों को सरकार मकान बनाने के लिए मदद करेगी, साथ ही इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को सरकार द्वारा 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को आपदा प्रभावित बोह क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से भी बातचीत की तथा राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों से जानकारी हासिल की।

सरकार मकान बनाने के लिए करेगी हरसंभव सहयोग

मुख्यमंत्री आपदा से प्रभावित बोह के रुलेहड़ क्षेत्र का दौरा करने के उपरांत प्रभावित परिवारों से मिले। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें भी सरकार मकान बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई है तथा लापता लोगों को ढूंढने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम ने मंगलवार को सिरमौर जिले के डीसी राम कुमार गौतम से भी दूरभाष पर बातचीत की तथा गत सायं पांवटा उपमंडल में बांगरन गांव के डोरियोंवाला के पास टापू में गिरी नदी में फंसे लोगों को एनडीआरएफ  तथा जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के बारे में भी जानकारी ली।

आधी रात को मलबे के ढेर से जिंदा निकाली 7 साल की वंशिका

शाहपुर की रुलेहड़ पंचायत में मलबे से 7 साल की वंशिका को रात को जिंदा निकाल लिया गया। रात को जब बचाव अभियान बंद होने जा रहा था तो ऐसे में वंशिका का हाथ एक कर्मी को दिखा और उस जगह पर दल ने अपना बचाव कार्य तेज किया और 7 साल की बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया। इसके साथ ही उसके माता-पिता को भी बाहर निकाला गया। बच्ची तथा उसके माता-पिता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

दिन में मौसम ने दिया साथ, दोपहर बाद बारिश बनी बाधा

बोह के रुलेहड़ में आपदा प्रभावित क्षेत्र में चले सर्च आप्रेशन के लिए मंगलवार को मौसम ने साथ दिया जिसके चलते राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमें कार्य को तेजी से चला सकीं। हालांकि दोपहर बाद बिगड़े मौसम के बाद बारिश ने कुछ समय के लिए राहत कार्य में बाधा उत्पन्न की। वहीं, मलबे में फंसे अपने परिजनों की तलाश के लिए लोग टकटकी लगाए बैठे रहे। वहीं, इस आपदा में फंसे लोगों के परिजन विलाप भी करते रहे।

मलबे से अब तक इन्हें निकाला

मलबे में दबे विजय (40), रचना (36), सौंकी (50), तनु (8) व वंशिका (7) को पिछले कल ही निकाल लिया गया है। इसके अलावा अभी भी 5 लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी है।

इन भवनों को पहुंचा नुक्सान

रुलेहड़ में बरसात की आपदा के बाद लगभग 11 भवनों को नुक्सान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि इनमें से 7 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं वहीं वैटर्नरी डिस्पैंसरी तथा पंचायत घर भी मलबे की चपेट में आए हैं। इसके अलावा 2 मकानों को आंशिक रूप से नुक्सान हुआ है।

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