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ChatGPT बना ‘डॉक्टर’ तो गई जान पर! AIIMS के इस मरीज का हाल जानकर कांप जाएगी रूह

New Delhi News: क्या आप भी छोटी-मोटी बीमारी में डॉक्टर के बजाय गूगल या AI से सलाह लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। दिल्ली एम्स में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मरीज ने ChatGPT से पूछकर दवा खाई और सीधे अस्पताल पहुंच गया। गलत सलाह के कारण उसे शरीर के अंदर खून बहने (इंटरनल ब्लीडिंग) की शिकायत हो गई। डॉक्टरों ने अब एआई (AI) से इलाज न करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह गलती आपकी जान पर भारी पड़ सकती है।

पीठ दर्द की दवा बनी मुसीबत

दिल्ली एम्स के रूमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार ने इस गंभीर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक मरीज लंबे समय से पीठ दर्द से परेशान था। डॉक्टर के पास जाने के बजाय उसने शार्टकट अपनाया। उसने अपनी बीमारी का इलाज ChatGPT से पूछा। एआई चैटबॉट ने उसे कुछ दर्द निवारक दवाएं (Painkillers) लेने की सलाह दे दी। मरीज ने बिना किसी डॉक्टर से पूछे ये दवाएं मेडिकल स्टोर से खरीदीं और खाना शुरू कर दिया।

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इमरजेंसी में होना पड़ा भर्ती

एआई की सलाह मानना मरीज को बहुत महंगा पड़ा। दवा शुरू करने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। दवाओं के गंभीर साइड इफेक्ट हुए और उसे इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो गई। हालत इतनी खराब हो गई कि उसे तुरंत एम्स की इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों की टीम ने बड़ी मुश्किल से उसकी हालत संभाली। यह घटना बताती है कि बिना जांच के दवा लेना कितना घातक हो सकता है।

AI डॉक्टर क्यों है खतरनाक?

डॉ. उमा कुमार ने मीडिया को बताया कि एआई टूल बहुत ही आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हैं। इससे आम आदमी को लगता है कि सलाह एकदम सही है। लेकिन सच यह है कि चैटबॉट को आपकी पुरानी बीमारियों या एलर्जी के बारे में कुछ नहीं पता होता। वह केवल इंटरनेट पर मौजूद पुराने डेटा के आधार पर जवाब देता है। कई बार यह जानकारी अधूरी या चिकित्सकीय रूप से गलत होती है। एक असली डॉक्टर मरीज की जांच और रिपोर्ट्स देखने के बाद ही दवा लिखता है।

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सिर्फ जानकारी लें, इलाज नहीं

एम्स के विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि इंटरनेट और एआई का इस्तेमाल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए करें। इसे कभी भी डॉक्टर का विकल्प न मानें। हर मरीज का शरीर और उसकी जरूरतें अलग होती हैं। एआई ‘हैल्यूसिनेशन’ (गलत जानकारी को सही बताना) का शिकार भी हो सकता है। इसलिए बीमारी चाहे छोटी हो या बड़ी, हमेशा प्रशिक्षित डॉक्टर से ही सलाह लें। अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें।

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