जिला एवं सत्र न्यायधीश चम्बा राजेश तोमर की अदालत ने किशन चंद निवासी गांव कुवारुईं डाकघर गनेड़ तहसील चुराह जिला चम्बा को चरस तस्करी करने के जुर्म में शुक्रवार को 10 वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने की सूरत में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

उप जिला न्यायवादी कंवर उदय सिंह ने की मामले की पैरवी

मामले की पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी कंवर उदय सिंह ने बताया कि 11 मार्च 2018 को पुलिस दल ने चम्बा- तीसा मार्ग पर बेही के समीप नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान सुबह समय करीब 9.40 बजे पुलिस दल सामने से आए हेमंत कुमार पुत्र संत राम निवासी गांव सपलोग डाकघर राजपुरा से आरोपी नूर मोहम्मद के बारे में पूछताछ कर रहा था। इसी बीच कंदला की ओर से एक व्यक्ति हाथ में बैग उठाए पैदल चला आया था। जब उसने अपने सामने पुलिस को देखा तो वह घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा था।

पुलिस दल ने मुख्य आरक्षी विजय सिंह की अगुवाई में उसे दबोचा था। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम किशन चंद बताया था। पुलिस ने उक्त हेमंत कुमार और मुख्य आरक्षी गैस लाल की उपस्थिति में जब उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 5 किलो 506 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छानबीन के उपरांत मामले का चालान बनाकर न्यायालय में पेश किया गया था। माननीय न्यायालय ने शुक्रवार को किशन चंद दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

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