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हिमाचल प्रदेश में बवाल: 56 साल पुराना डाकघर अचानक बंद, उपभोक्ता सड़क पर

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगेंद्रनगर में एशिया के पहले पनबिजली परियोजना, शानन प्रोजेक्ट, परिसर में स्थित 56 वर्ष पुराने उप डाकघर पर अचानक ताला लटक गया है। इस कदम से नाराज सैकड़ों उपभोक्ता सड़क पर बैठकर धरना दे रहे हैं। 1969 से लगातार चल रही इस शाखा को बिना किसी सूचना के बंद कर दिए जाने पर स्थानीय लोगों में रोष है।

कांग्रेस नेता राकेश धरवाल और जिला परिषद सदस्य विजय भाटिया के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने सोमवार को शानन प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने डाक विभाग के इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग न माने जाने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

उपभोक्ताओं का कहना है कि इस डाकघर के बंद होने से आसपास के आठ गांवों के लोगों को भारी परेशानी होगी। शानन, हराबाग, ब्रिजमंडी समेत कई इलाकों के सैकड़ों लोगों के लघु बचत खाते, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और आवर्ती जमा इसी शाखा में हैं।

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वरिष्ठ नागरिक भी पहुंचे धरने पर

इस मामले में वरिष्ठ नागरिक भी सक्रियता से शामिल हुए। वे अपनी पासबुक लेकर डाकघर पहुंचे और धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने डाक विभाग की इस कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया। उनकी चिंता जमा धनराशि की सुरक्षा को लेकर भी है।

स्थानीय निवासी विनोद, हेम राज और रीता देवी जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के डाकघर बंद करना ग्रामीणों के साथ धोखा है। अब उन्हें डाकघर के सभी जरूरी कामों के लिए दूर दूसरी शाखाओं का रुख करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों का नुकसान होगा।

अधिकारियों ने की जानकारी जुटाने की बात कही

शानन प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डाक विभाग से इस संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा दिया गया ज्ञापन भी संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। परियोजना प्रबंधन भी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।

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जोगेंद्रनगर का यह उप डाकघर पांच दशक से भी अधिक समय से स्थानीय लोगों की वित्तीय जरूरतों का केंद्र रहा है। इसकी अचानक बंदी ने ग्रामीणों को हैरान और नाराज कर दिया है। लोगों का आरोप है कि विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के बिना ही यह कदम उठाया है।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक डाकघर फिर से नहीं खोला जाता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उनकी मुख्य मांग इस ऐतिहासिक डाकघर की सेवाओं को यथावत बहाल करने की है। स्थानीय नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

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