Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में नशा माफिया का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां पुलिस टीम पर हमला करके एक तस्कर को छुड़ाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह वारदात तीसा-कनवाल मार्ग पर हुई। भीड़ ने पुलिस के हाथ से आरोपी को छीन लिया था। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी और जंगल में 5 किलोमीटर तक पीछा करके आरोपी को दोबारा पकड़ लिया। इस घटना ने पूरे हिमाचल समाचार जगत में हलचल मचा दी है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआइयू) को नशा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह की टीम ने शनेड़ा नाला के पास नाका लगाया। तभी झज्जाकोठी की तरफ से एक युवक आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया। उसने अपना बैग फेंका और भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बैग से 1.42 किलोग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान चुराह निवासी सुभाष चंद के रूप में हुई है।
प्रधान और भीड़ ने पुलिस पर बोला धावा
पुलिस आरोपी को पकड़कर कार्रवाई कर ही रही थी कि वहां हंगामा हो गया। मौके पर करीब 30 लोग जमा हो गए। इसमें स्थानीय पंचायत प्रधान नीलमा देवी भी शामिल थीं। भीड़ ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। उन्होंने आरोपी सुभाष को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया और भगा दिया। पुलिस टीम ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। जवानों ने भाग रहे तस्कर का जंगल में पीछा किया और उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
महिला प्रधान समेत 30 लोगों पर FIR
पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि की है। पुलिस पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पंचायत प्रधान नीलमा देवी, लोभी और प्रकाश समेत 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले 17 दिसंबर को भी माफिया ने आबकारी टीम को ट्रक से कुचलने की कोशिश की थी।
