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केंद्रीय कर्मचारियों की लगने वाली है लॉटरी! खाते में एक साथ आएंगे 1.5 लाख रुपये? जानिए एरियर का पूरा गणित

New Delhi News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी थी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बढ़ा हुआ वेतन कब से मिलेगा। सबसे दिलचस्प पहलू ‘एरियर’ (Arrears) है। अगर सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एक मुश्त बड़ी रकम मिल सकती है। इसे लेकर सरकारी महकमें में भारी उत्सुकता है।

1 जनवरी 2026 से लागू होने की प्रबल संभावना

भारत में वेतन आयोग का इतिहास हर 10 साल में बदलाव का रहा है। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को लागू हुआ था। इस परंपरा के अनुसार, आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए। हालांकि, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है। आयोग अब महंगाई, मौजूदा वेतन ढांचे और अर्थव्यवस्था का अध्ययन कर रहा है।

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एरियर का गणित: देरी का मतलब बड़ा फायदा

कर्मचारी वर्ग एरियर को एक ‘जैकपॉट’ या लॉटरी की तरह देख रहा है। एरियर वह राशि है जो वेतन वृद्धि लागू होने की तारीख और वास्तविक भुगतान की तारीख के बीच के अंतर को भरती है।
इसे एक सरल उदाहरण से समझें:

  • मान लीजिए, किसी कर्मचारी की सैलरी में आयोग के बाद 10,000 रुपये का इजाफा होता है।
  • सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाती हैं।
  • लेकिन, सरकार इसका भुगतान मई 2027 में शुरू करती है।
  • ऐसे में 15 महीने का अंतर आता है।
  • इस स्थिति में कर्मचारी को 1.5 लाख रुपये (10,000 x 15) एरियर के रूप में एक साथ मिलेंगे।
    यही कारण है कि लागू होने में जितनी देरी होगी, एरियर की रकम उतनी ही बड़ी होगी।
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करोड़ों लोगों की जिंदगी पर होगा असर

आठवें वेतन आयोग का दायरा बहुत बड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, इसका सीधा लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें रक्षा कर्मी और सिविल कर्मचारी दोनों शामिल हैं। इसके अलावा, देश भर के 69 लाख पेंशनर्स भी इसके दायरे में आएंगे। वेतन बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलेगी।

क्या है सरकार का रुख?

अक्टूबर 2025 में ToR की मंजूरी के साथ ही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही साफ कर चुके हैं कि रिपोर्ट आने के बाद ही लागू करने की तारीख पर अंतिम मुहर लगेगी। फिलहाल कर्मचारी यूनियन और सरकार के बीच इसे जल्द लागू करने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।

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