कोरोना संकट में फंसे राज्यों की मदद के लिए केंद्र आगे आया है। सभी राज्यों को राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के लिए दी जाने वाली राशि की पहली किस्त का अग्रिम भुगतान कर दिया है, जो करीब 8873 करोड़ रुपये है। फिलहाल यह राशि अभी तक जून के बाद दी जाती थी। इसके साथ ही इसकी भी इजाजत दी है कि सभी राज्य दी गई इस राशि में से पचास फीसद राशि का इस्तेमाल कोरोना संकट से निपटने से जुड़़े इंतजामों पर खर्च कर सकते हैं।

गृह मंत्रालय की सिफारिश पर वित्त मंत्रालय ने राज्यों को जारी की यह राशि

राज्यों को यह राशि गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद वित्त मंत्रालय ने शनिवार को जारी की है। सामान्य तौर पर राज्यों को यह राशि पिछले साल इस कोष में दी गई राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के बाद जारी करने की व्यवस्था है। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने कोरोना संकट की विषम स्थितियों को देखते हुए राज्यों को इस पूरी प्रक्रिया से छूट देते हुए अग्रिम राशि जारी करने का फैसला लिया।

कोरोना से निपटने में राज्यों को मिलेगी मदद

माना जा रहा है कि इस राशि से राज्यों में कोरोना के चलते पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने में काफी मदद मिलेगी। फिलहाल केंद्र की ओर से राज्यों को यह राशि वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य आपदा राहत कोष में दी जाती है।

आपदा राहत कोष के लिए दी गई राशि में 50 फीसद धनराशि कोरोना प्रबंधन पर कर सकेंगे खर्च

केंद्र सरकार ने इसके साथ ही राज्यों को आपदा राहत कोष के लिए दी गई राशि में से आधी राशि यानी करीब 4436 करोड़ रुपये कोरोना के रोकथाम संबंधी उपायों पर खर्च करने की अनुमति भी दी है। फिलहाल इस दौरान राज्य इस राशि का इस्तेमाल जिन गतिविधियों में कर सकेंगे, उनमें अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन एवं भंडारण संयंत्रों को लगाने में, वेंटिलेटर, एयर प्यूरिफायर, एम्बुलेंस सेवाओं, कोविड-19 अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, उपभोग सामग्री, थर्मल स्कैनर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण,जांच प्रयोगशाला, जांच किट, कंटेनमेंट जोन आदि व्यवस्थाएं शामिल हैं।

कोरोना संकटकाल में राज्यों की मदद के लिए केंद्र ने उठाया अहम कदम

कोरोना संकटकाल में केंद्र की ओर से राज्यों को दी गई इस मदद को काफी अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही इस मदद से राज्यों में कोरोना संक्रमण से निपटने में सामने आ रही चुनौतियों को तेजी से सुलझाने में भी मदद मिलेगी।

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