New Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने छात्रों के लिए अपार आईडी (APAAR ID) को अनिवार्य बना दिया है। इस नए नियम के अनुसार, जिन छात्रों के पास यह डिजिटल पहचान पत्र नहीं होगा, वे बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे।
स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस
सीबीएसई ने यह निर्देश सभी संबद्ध स्कूलों को भेजे गए नए दिशा-निर्देशों में शामिल किया है। इन गाइडलाइंस के तहत स्कूलों को परीक्षार्थियों की सूची (List of Candidates – LOC) जमा करते समय प्रत्येक छात्र का APAAR ID दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह सूची हर साल बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन से पहले जमा की जाती है।
LOC जमा करने की समयसीमा
बोर्ड ने स्कूलों के लिए LOC जमा करने की तारीखों की भी घोषणा की है। स्कूल 29 अगस्त से 30 सितंबर, 2025 तक बिना किसी देरी शुल्क के ऑनलाइन LOC जमा कर सकते हैं। वहीं, 3 अक्टूबर से 11 अक्टूबर, 2025 के बीच LOC जमा करने पर स्कूलों को विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा।
APAAR ID का महत्व
APAAR ID भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय डिजिटल पहचान है। यह छात्रों के पूरे शैक्षणिक जीवन का एक संगठित रिकॉर्ड तैयार करती है। इसमें छात्र की मार्कशीट, डिग्री, सर्टिफिकेट और अन्य उपलब्धियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती हैं। इससे शैक्षिक डेटा का प्रबंधन आसान होगा।
पारदर्शिता और सुरक्षा में सुधार
सीबीएसई का मानना है कि APAAR ID को अनिवार्य बनाने से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह छात्रों की पहचान सुनिश्चित करने और भविष्य में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे एक राष्ट्रीय शैक्षिक रजिस्टर बनाने में भी मदद मिलेगी।
LOC में शामिल करने के लिए आवश्यक जानकारी
स्कूलों को LOC जमा करते समय छात्रों की निम्नलिखित जानकारियां सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होंगी। छात्र का पूरा नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, श्रेणी और उनका APAAR ID अनिवार्य है। साथ ही, विषय कोड और आवेदन की श्रेणी (नियमित/सुधार/compartment) भी सही होनी चाहिए।
छात्रों के लिए अगला कदम
ऐसे में, सभी छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे शीघ्र ही अपना APAAR ID रजिस्ट्रेशन करवाएं। स्कूलों को भी चाहिए कि वे अपने छात्रों को इस प्रक्रिया में सहायता प्रदान करें। समय पर APAAR ID बनवाना परीक्षा में बैठने की eligibility के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

