Bilaspur News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने निलंबित सहायक उप-निरीक्षक पंकज शर्मा को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। शर्मा पर हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व महाप्रबंधक विमल नेगी की रहस्यमय मौत मामले में सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया।
विमल नेगी इस साल 10 मार्च को लापता हुए थे। उनका शव 18 मार्च को बिलासपुर जिले के गोविंद सागर के शाहतलाई इलाके में बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत शव मिलने से पांच दिन पहले हुई थी। शर्मा नेगी की पेन ड्राइव और अन्य दस्तावेज बरामद करने वाले पहले व्यक्ति थे।
सीबीआई ने रविवार को शर्मा को उनके घर से गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि शर्मा ने अहम सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पेन ड्राइव से छेड़छाड़ की थी। मंगलवार को अदालत में पेश करने पर सीबीआई ने पूछताछ के लिए हिरासत में लेने का अनुरोध किया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर के लिए सूचीबद्ध की है। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई ने पहले हाईकोर्ट में कहा था कि उन्हें शर्मा की जरूरत नहीं है।
विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ अधिकारी उनके पति को प्रताड़ित कर रहे थे। मामले की जांच हिमाचल प्रदेश पुलिस की विशेष जांच दल कर रही थी। किरण नेगी ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 23 मई को मामला सीबीआई को सौंप दिया था। तब से सीबीआई मामले की जांच कर रही है। नेगी की मौत के कारणों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। जांच एजेंसी महत्वपूर्ण सबूतों की जांच कर रही है।
सीबीआई की टीम लगातार गवाहों से पूछताछ कर रही है। एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी सुरक्षित किया है। मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। सीबीआई जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर सकती है।

