केसीसी बैंक भर्ती: केसीसी बैंक पदोन्नति से भरेगा 790 पद, हाई कोर्ट से मांगी अनुमति

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कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसी) ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से 790 विभिन्न पदों पर प्रमोशन करने की अनुमति मांगी है। बैंक की ओर से दायर आवेदन पर आज सुनवाई निर्धारित की गई है।

बैंक ने आरोप लगाया है कि याचिकाकर्ता ने अदालत से तथ्यों को छिपाया है और प्रमोशन के माध्यम से भरे जाने वाले पदों को रोकने के कोशिश की है। दलील दी गई है कि याचिकाकर्ता विकलांगता अधिनियम के प्रावधानों के लाभ का हकदार नहीं है। वह पहले ही क्लास-वन की श्रेणी में आता है। जबकि राज्य सरकार की 6 जुलाई 2022 की अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि विकलांगता का लाभ क्लास-वन के पद तक ही दिया जाएगा।

बैंक के कर्मचारियों की श्रेणी का वर्गीकरण सहकार विभाग के पंजीयक ने किया है। क्लास-वन के कर्मचारी ग्रेड-टू में आते हैं। आवेदन में बताया गया है कि बैंक ने चुनाव आयोग से 790 विभिन्न पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की स्वीकृति ली है। बैंक के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए आयोग ने इन पदों को भरने की मंजूरी दी थी। बैंक ग्रेड- टू से ग्रेड-वन के पदों पर प्रमोशन करने जा रहा है। बैंक ने अदालत से गुहार लगाई है कि बैंक को 790 विभिन्न पदों पर प्रमोशन करने की अनुमति दी जाए।

अदालत ने 24 नवंबर को बैंक में होने जा रही सभी पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया था कि बिना अदालत की अनुमति से कोई भी प्रमोशन न की जाए। याचिकाकर्ता भारत भूषण ने आरोप लगाया है कि इन पदों को भरते समय बैंक विकलांगता अधिनियम 2016 में दिए प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा है। दलील दी गई है कि राज्य सरकार ने 6 जुलाई 2022 को जारी अधिसूचना के तहत सभी विभागों और निगमों में 4 प्रतिशत आरक्षण विकलांग कर्मचारियों के लिए निर्धारित करने का प्रावधान रखा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि उसे विकलांगता का लाभ देते हुए मैनेजर के पद पर पदोन्नत किया जाए।

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