अरबों का मनी लॉन्ड्रिंग धंधा तबाह, 20 मिलियन यूरो के हवाला कारोबार में 7गिरफ्तार, यूरोपोल की नजर में माल्टा की 5 कंपनियां

यूरोप के संघीय देशों की सबसे बड़ी प्रवर्तन एजेंसी यूरोपोल ने एक अंतरराष्ट्रीय और हाल-फिलहाल के गुजरे कुछ साल के सबसे बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भांडाफोड़ किया है.

माल्टा से जुड़े इस मनी लॉन्ड्रिंग

के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को तबाह करने में यूरोपोल के करीब डेढ़ साल का वक्त लग गया. यूरोपोल जैसी नामी एजेंसी, मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले गिरोह के पीछे बीते साल यानी सन् 2020 से ही पड़ी हुई थी. यूरोपोल यूरोप के 27 संघीय देशों की वो इकलौती और बेहद मजबूत प्रवर्तन एजेंसी है, जो इन देशों को कानूनी मदद प्रदान करती है. आतंकवाद, आर्थिक घोटालों, ड्रग-हथियार तस्करी के मामलों की पड़ताल में माहिर यूरोपोल, ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ और सिर्फ अपने साथ जुड़े 27 संघीय देशों की ही मदद में उतरती हो.

सबकी मदद के लिए तैयार यूरोपोल

आतंकवाद, सुनियोजित बड़े षडयंत्रों, ड्रग-हथियार तस्करी के सिंडीकेट या फिर मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में शामिल अपराधियों को घेरने के लिए, जब जब दुनिया के किसी अन्य देश ने भी यूरोपोल से मदद मांगी, तो उसने सहयोग किया है. हाल-फिलहाल (29 नवंबर 2021 को) यूरोपोल ने मनी लॉन्ड्रिंग के इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है. इसकी चर्चा यूरोप और उसके बाहर भी दुनिया भर में हो रही है. 20 मिलियन यूरो के इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले के भंडाफोड़ में यूरोपोल की टीमों ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है.

माल्टा-लीबिया के हवाला कारोबारी गिरफ्तार

यूरोपोल की टीमों द्वारा गिरफ्तार इन 7 संदिग्ध हवाला कारोबारियों में से कुछ माल्टा (Maltese) और कुछ लीबिआई (Libyan) मूल के अपराधी हैं. दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग के इस बड़े और खतरनाक सिंडीकेट को तबाह करने के लिए माल्टा की एजेंसियां लंबे समय से खुद ही जूझ रही थीं. माल्टाई एजेंसियां हर कोशिश के बाद भी जब इस खतरनाक नेक्सस को नेस्तनाबूद कर पाने में कामयाब नहीं हो सकीं. तब उन्होंने बीते साल मनी लॉन्ड्रिंग (money-laundering scheme) के इस बड़े और खतरनाक खेल को बर्बाद करने के लिए यूरोपोल से संपर्क साधा था.

माल्टाई एजेंसियों की सूचनाएं सटीक निकलीं

अपनी आंतरिक जांच में यूरोपोल ने जैसे ही ताड़ा कि माल्टाई एजेंसियों की बात में दम है. मनी-लॉन्ड्रिंग का यह एक बड़ा गेम है. जिसके जाल में घुसे बिना उसे नेस्तनाबूद कर पाना मुश्किल है. लिहाजा यूरोपोल ने मनी लॉन्ड्रिंग के इस गेम की तबाही के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का ही गठन कर दिया. इस टास्क फोर्स के पास दूसरी और कोई किसी तरह की पड़ताल का जिम्मा नहीं था. इतना ही नहीं माल्टाई एजेंसियों से मिले मजबूत इनपुट से संतुष्ट यूरोपोल ने अपनी सबसे मजबूत और ऐसे आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की पड़ताल में माहिर, संस्था या कहिए यूनिट EFECC को भी उतार दिया. यह बात है साल 2020 के जून महीने की.

EFECC इसलिए है यूरोपोल की रीढ़ की हड्डी

यहां बताना जरूरी है कि यूरोपीय वित्तीय और आर्थिक अपराध केंद्र यानी EFECC (European Financial and Economic Crime Centre) यूरोप के संघीय देशों की सबसे बड़ी प्रवर्तन एवं जांच एजेंसी यूरोपोल का ही महत्वपूर्ण अंग है. जो यूरोपोल के साथ मिलकर वित्तीय और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की ही जांच करती है. बीते जून महीने से पीछा करते करते अब आकर 29 नवंबर 2021 को हाल-फिलहाल के दिनों में दुनिया के सबसे बड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले का भांडाफोड़ इसी EFECC की कोशिशों और पड़ताल का परिणाम है. इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के भांडाफोड़ में यूरोपोल के ईएफईसीसी ने ही माल्टा की एजेंसियों को गैंग के अंदर की तमाम गोपनीय सूचनाएं जुटाकर उपलब्ध कराई थीं.

यूरोपोल की गुप्त रणनीति काम आई

20 मिलियन यूरो के इस मनी-लॉन्ड्रिंग (€20 million money laundering in Malta) हवाला कारोबार (Hawala money transfer) को सामने लाने के लिए यूरोपोल ने, अपने एक खुफिया और जांच अधिकारी को ही माल्टा में कुछ समय के लिए गुपचुप तरीके से नियुक्त कर दिया था. जिसकी जिम्मेदारी थी कि वो उन सभी सबूतों और दस्तावेजों की गहराई से जांच करेगा जो उसे, माल्टा की एजेंसियों द्वारा इस सिंडीकेट के बारे में उलपब्ध कराए जाएंगे. ताकि यूरोपोल के साथ संयुक्त रूप से इस नेक्सस को बर्बाद करने में जुटी माल्टाई एजेंसी जल्दी से जल्दी इस गैंग के भीतर तक पहुंच पाने में कामयाब हो सकें. यूरोपोल के मुताबिक, “मनी लॉन्ड्रिंग के इस बड़े खेल में लिप्त और गिरफ्तार संदिग्धों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं.”

यूरोपोल ने ताड़ीं माल्टा की 5 कंपनियां

गिरफ्तार आरोपियों ने कबूला है कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस काले कारोबार में माल्टा देश की पांच कंपनियां भी शामिल हैं. इन कंपनियों की मदद से ही खरबों रुपयों का अवैध धन शोधन धंधा (मनी लॉन्ड्रिंग) फल-फूल रहा था. इन सभी कंपनियों को कंट्रोल करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग कारोबार से जुड़े गिरोह ने बाकायदा एक कंट्रोल रूम बनाया हुआ था. इसलिए ताकि उनके इस सिंडिकेट को तबाह करने के लिए उसके भीतर कोई जांच एजेंसी न घुसने पाए. पता चला है कि यह गैंग मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अधिकांश हवाला राशि तुर्की भेजा करता था. इसके लिए कभी-कभार गैंग कोरियर, कैश या फिर अनौपचारिक रूप से हवाला जैसे माध्यमों का भी इस्तेमाल करता था.

नकदी संग 5 मिलियन यूरो का सामान भी जब्त

मनी लॉन्ड्रिंग का यह काला धंधा मुख्य रूप से कर चोरी और अवैध तरीकों से कमाए गए धन को खपाने व छिपाने के लिहाज से किया जा रहा था. यूरोपोल ने इस भांडाफोड़ की पुष्टि करते हुए बताया है कि, “यह एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले का खुलासा है. इसकी जांच यहीं बंद नहीं होगी. इस सिंडिकेट के कई और लिंक्स तलाश कर बाकी बचे गैंग मेम्बर्स तक पहुंचना बेहद जरूरी है. गिरफ्तार संदिग्धों के कब्जे से 70 हजार यूरो जब्त किए जा चुके हैं. गिरफ्तार संदिग्धों के कब्जे से भारी तादाद में कीमती ब्रांडेड कपड़े, कीमती घड़ियां, मंहगे वाहन, वाहनों की कई विदेशी नंबर प्लेट व अन्य तमाम इलेट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं. इस जब्त सामान की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अनुमानित कीमत 5 मिलियन यूरो है

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