रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी: सोने-चांदी के दाम में भारी उछाल के संकेत, क्या आने वाली है वैश्विक मंदी?

New Delhi: ‘रिच डैड पुअर डैड’ के मशहूर लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंताजनक भविष्यवाणी की है। उन्होंने शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका जताते हुए निवेशकों को आगाह किया है। कियोसाकी के अनुसार, बाजार की अनिश्चितता के बीच आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

कियोसाकी ने दिग्गज विश्लेषक जिम रिकार्ड्स का हवाला देते हुए कहा है कि गोल्ड की कीमतें 10,000 डॉलर प्रति आउंस और सिल्वर की कीमतें 200 डॉलर प्रति आउंस तक जा सकती हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत 3,00,000 रुपये और चांदी की कीमत 5,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर सकती है।

वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का दौर

दुनिया भर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को बेलगाम कर दिया है, जिसका सीधा असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशक अब सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि सतर्क निवेशक इस गिरावट का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि हर मंदी अपने साथ धन संचय का नया अवसर लेकर आती है।

बाजार विशेषज्ञों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या दुनिया एक बार फिर मंदी की चपेट में आने वाली है। आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव तेज हो गया है। निवेशक अब अपनी पोर्टफोलियो रणनीति को फिर से संतुलित करने पर जोर दे रहे हैं ताकि संभावित वित्तीय जोखिमों से बचा जा सके।

भारत में सोने-चांदी का वर्तमान परिदृश्य

भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,58,117 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि चांदी का भाव 2,66,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। सप्ताहांत के कारण बाजार बंद होने से नई कीमतें सोमवार को जारी होंगी। वर्तमान में निवेशकों की नजरें बाजार की दिशा पर टिकी हुई हैं।

सरकार भी इस स्थिति को लेकर सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद सीमित करने की अपील और आयात शुल्क (Import Duty) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और रुपये को मजबूती प्रदान करना है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच संयमित निवेश ही फिलहाल सबसे सुरक्षित रणनीति मानी जा रही है।

Author: Rajesh Kumar

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