Business News: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बना दिए। कीमती धातुओं में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ संबंधी बयान के बाद आई। निवेशकों ने असुरक्षा में सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी बढ़ा दी। देशी बाजार में सोना एक लाख पैंतालीस हजार रुपये प्रति दस ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया।
देशी बाजार में कारोबार के आंकड़े
एमसीएक्स पर फरवरीडिलीवरी वाला सोना रिकॉर्ड एक लाख पैंतालीस हजार पांच सौ रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने तीन लाख एक हजार तीन सौ पंद्रह रुपये प्रति किलोग्राम का नया कीमती स्तर छू लिया। एक रिपोर्ट के समय तक सोने का फरवरी वायदा एक लाख चौवालीस हजार नौ सौ पचपन रुपये पर कारोबार कर रहा था।
चांदी का मार्च वायदा तीन लाख आठ सौ चौबीस रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर मजबूत बना हुआ था। सोमवार के दिन सोने में डेढ़ प्रतिशत से अधिक और चांदी में साढ़े चार प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई। यह उछाल लगातार दूसरे सप्ताह देखी जा रही है और बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी तेजी
वैश्विक बाजार मेंभी सोने की कीमतों ने मजबूत उछाल दर्ज की। स्पॉट गोल्ड सवा छह प्रतिशत से अधिक बढ़कर चार हजार सात सौ डॉलर प्रति औंस तक चढ़ गया। बाद में यह कीमत चार हजार छह सौ सत्तर डॉलर के आसपास स्थिर हुई। इस दौरान सोने ने अपना अब तक का सर्वोच्च स्तर भी छुआ।
कॉमेक्स पर चांदी भी तेज बनी हुई है और यह तिरानवे डॉलर प्रति औंस के पास कारोबार कर रही है। हाल ही में चांदी चौरानवे डॉलर तीस सेंट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। विदेशी बाजार में मजबूती ने भारतीय बाजार को सीधा समर्थन दिया है। वैश्विक अस्थिरता निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर खींच रही है।
राजनीतिक बयानों ने दी रफ्तार
सोनेऔर चांदी में तेजी तब और बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगा सकता है। उन्होंने ग्रीनलैंड खरीदने के मुद्दे को भी उठाया। इस बयान के बाद यूरोपीय संघ ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों में असुरक्षा की भावना पैदा की।
मेहता इक्विटीज के एक उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने बताया कि दुनिया भर में राजनीतिक अस्थिरता सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर उठ रहे सवाल भी एक कारक हैं। बाजार अमेरिका में ब्याज दरों में आगे कटौती की उम्मीद कर रहा है। यह उम्मीद सोने की कीमतों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
विशेषज्ञोंका मानना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। डॉलर की कीमतों में अस्थिरता एक प्रमुख कारण होगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ पर आने वाला फैसला भी बाजार को प्रभावित करेगा। निवेशक इन घटनाक्रमों पर गौर कर रहे हैं।
विश्लेषकों ने सोने के लिए एक लाख इकतालीस हजार छह सौ पचास रुपये का समर्थन स्तर बताया है। प्रतिरोध एक लाख पैंतालीस हजार से अधिक के स्तर पर आ सकता है। चांदी के लिए दो लाख पचासी हजार आठ सौ दस रुपये का स्तर समर्थन का काम कर सकता है। प्रतिरोध दो लाख छियानवे हजार के आसपास मजबूत हो सकता है।
चांदी की मांग में दिख रही है नई बढ़ोतरी
चांदीकी कीमतों को लंबे समय तक मजबूती मिल सकती है। सोलर ऊर्जा उद्योग में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में भी चांदी का इस्तेमाल बढ़ा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र भी चांदी की मांग को नई ऊंचाई दे रहे हैं। ये कारक चांदी की कीमतों के लिए मौलिक समर्थन पैदा कर रहे हैं।
ऑगमोंट की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार कुछ निवेशक मुनाफा वसूली कर सकते हैं। इससे चांदी की कीमत चौरासी डॉलर प्रति औंस तक नीचे आ सकती है। भारतीय बाजार में यह स्तर दो लाख साठ हजार रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास हो सकता है। इसके बाद कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। बाजार में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

