Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। राज्य में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के तहत प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन की फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अब हिमाचल प्रदेश में हाउसिंग प्रोजेक्ट रजिस्टर करवाने के लिए बिल्डर्स और आम लोगों को पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी होगी। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
तीन से चार गुना बढ़ी फीस
नई अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में आवासीय उपयोग के लिए प्लॉट डेवलपमेंट की फीस 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 30 और 40 रुपये कर दी गई है। कमर्शियल प्लॉटिंग के लिए फीस में भी भारी उछाल आया है। पहले इसके लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगते थे। अब ग्रामीण क्षेत्रों में यह 60 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी। वहीं, आवासीय और कमर्शियल (मिक्स्ड) उपयोग के लिए फीस 15 रुपये से बढ़ाकर ग्रामीण इलाकों में 45 रुपये और शहरों में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है।
पीडब्ल्यूडी विभाग में भी बड़ा बदलाव
महंगाई के झटके के बीच सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के ढांचे में भी बदलाव किया है। शिमला के पीडब्ल्यूडी डिवीजन नंबर वन का नाम और कार्यक्षेत्र बदल दिया गया है। अब यह डिवीजन ‘कुसुम्पटी डिवीजन’ के नाम से काम करेगा। कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस बदलाव के बाद शिमला शहर में लोक निर्माण विभाग के कार्यों के बंटवारे में भी परिवर्तन आएगा।
पर्यावरण विभाग में पदों की रिस्ट्रक्चरिंग
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण विभाग में भी प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग में पांच पदों की रिस्ट्रक्चरिंग की गई है। सरकार ने प्रिंसीपल साइंटिफिक ऑफिसर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, रिसर्च असिस्टेंट और प्रोजेक्ट ऑफिसर के पांच पद खत्म कर दिए हैं। इन पदों को समाप्त करके अब जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर के पांच नए पद सृजित किए गए हैं। पर्यावरण विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

