Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने गांव में घर बनाने का सपना देख रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। अब पंचायतों में भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) हासिल करना बेहद आसान हो गया है। पंचायती राज विभाग ने मनमाने ढंग से एनओसी रोकने की प्रथा पर लगाम लगा दी है। अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। हिमाचल प्रदेश के लोगों को अब पंचायत प्रधान या सचिव के पीछे घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने इसके लिए स्पष्ट नियम और शुल्क तय कर दिए हैं।
अब ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से होगा आवेदन
हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने एनओसी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग के सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब एनओसी के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पहले की तरह मैनुअल या लिखित आवेदन अब मान्य नहीं होंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोगों को परेशान न किया जा सके। सरकार ने एनओसी का एक फिक्स फॉर्म भी जारी किया है।
जानें कितनी लगेगी फीस
सरकार ने हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में एनओसी के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है।
- आवासीय भवन (घर) के लिए शुल्क 100 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) है।
- गैर-आवासीय (व्यावसायिक) भवन के लिए शुल्क 1000 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) देना होगा।
इन कारणों से ही रद्द होगा आवेदन
अक्सर देखा गया है कि हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में आपसी रंजिश के कारण एनओसी रोक दी जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार, एनओसी केवल वैध कानूनी आधार पर ही रोकी जा सकती है।
- यदि प्रस्तावित निर्माण सरकारी या पंचायत की जमीन पर हो रहा हो।
- यदि निर्माण से सड़क, रास्ता, सीवरेज, पानी की पाइप या खेल मैदान को नुकसान पहुंच रहा हो।
इसके अलावा किसी अन्य बहाने से एनओसी नहीं रोकी जा सकेगी।
कैसे मिलेगी मंजूरी?
आवेदन करने के बाद पंचायत सचिव राजस्व रिकॉर्ड से जमीन की जांच करेगा। अगर जरूरत हुई तो मौके पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पास होगा और ऑनलाइन ही एनओसी जारी कर दी जाएगी। यह सेवा शुरू होते ही ऑफलाइन काम पूरी तरह बंद हो जाएगा। इससे हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण में पारदर्शिता आएगी और अतिक्रमण रोकने में भी मदद मिलेगी।
