New Delhi News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को Budget 2026 पेश करने वाली हैं। इसे लेकर देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। मिडिल क्लास की निगाहें इस बार के बजट पर टिकी हैं। सबसे बड़ी चर्चा नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को लेकर है। यह कानून 1 अप्रैल 2026 से पुराने एक्ट की जगह ले सकता है। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि सरकार इस बार उनकी जेब को बड़ी राहत देगी।
क्या छोटे करदाताओं को मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार छोटे और मध्यम आय वाले लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। सरकार ने पिछले बजट में ही काफी बदलाव किए थे। तब नई व्यवस्था के तहत बिना टैक्स वाली इनकम की सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई थी। अब Budget 2026 में मुख्य मांग ऊंचे टैक्स ब्रैकेट को तर्कसंगत बनाने की है। इसका सीधा असर मिडिल क्लास की कमाई पर पड़ता है।
पुराने टैक्स सिस्टम का क्या होगा?
सुदित के. पारेख एंड कंपनी की पार्टनर अनीता बस्रूर ने बड़ा अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर सकती है। सरकार का पूरा जोर अब नए रिजीम पर है। वह चाहती है कि लोग पुराने सिस्टम को छोड़कर नए में शिफ्ट हो जाएं। फिलहाल पुराने सिस्टम में कई तरह की छूट मिलती है, जबकि नए में स्लैब सरल हैं।
सैलरी वालों की बल्ले-बल्ले!
नौकरीपेशा लोगों के लिए Budget 2026 अच्छी खबर ला सकता है। उम्मीद है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) की सीमा बढ़ाई जाएगी। इसे 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। इसके अलावा सेक्शन 80C की लिमिट भी बढ़ने के आसार हैं। लोग इसे 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इससे बचत पर ज्यादा टैक्स छूट मिल सकेगी।
35 लाख की इनकम पर बदलेगा नियम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, 30% टैक्स वाले स्लैब में बदलाव हो सकता है। अभी कम आय पर ही यह दर लागू हो जाती है। उम्मीद है कि इस लिमिट को 24 लाख रुपये से बढ़ाकर 35 लाख रुपये किया जाएगा। इसके अलावा सीनियर सिटीजन के लिए भी Budget 2026 में खास प्रावधान हो सकते हैं। ब्याज दरें कम होने से बुजुर्गों की कमाई घटी है। ऐसे में सरकार उन्हें राहत देने के लिए टैक्स स्लैब में सुधार कर सकती है।
