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बीएसएफ ने बॉर्डर पर पकड़ा बांग्लादेश का मानव तस्कर, भारत में पहचान बदल कर रह रहा था

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से बीएसएफ ने एक वॉन्टेड मानव तस्कर को पकड़ लिया. आरोपी तस्कर बांग्लादेशी है और वह पिछले 20 वर्षों से पहचान छुपाकर भारत में रह रहा था. पकड़ा गया तस्कर बीएसएफ की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था. वो बड़ी संख्या में लोगों को सीमा पार से भारत ला और भारत से सीमा पार ले जा चुका है.

पकड़े गए बांग्लादेशी मानव तस्कर की पहचान हसन गाज़ी के रूप में हुई है. हसन गाजी बांग्लादेशी नागरिक है. लेकिन वो पिछले 20 सालों से अवैध तरीके से भारत में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है. उसने एक भारतीय महिला खुखुमोनी बीबी से शादी भी कर ली है. वह फर्जी सरकारी दस्तावेज हासिल करके कानूनी कार्रवाई से बचता रहा है.

बीते सोमवार को बीएसएफ की इंटेलिजेंस ब्रांच की सूचना के आधार पर बीएसएफ के जवानों ने उत्तर 24 परगना के आईसीपी घोजाडांगा में जाल फैलाया और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से हसन गाजी को धर दबोचा.

पूछताछ में हसन गाजी ने बताया कि उसके पास 2 अज्ञात महिलाओं का फर्जी आधार कार्ड है. जिसका उपयोग बांग्लादेशी महिलाओं को अवैध तरीके से सीमा पार कराने और बीएसएफ के ड्यूटी लाइन क्रॉस करने के लिए करता है. हसन गाजी ने मानव तस्करी के सिंडिकेट का भी पर्दाफाश किया और कई मानव तस्करों के नाम का खुलासा कर दिया. जो उसके साथ मानव तस्करी में शामिल हैं.

गाजी ने बताया कि बांग्लादेश से महिलाएं और नाबालिग लड़कियां ज्यादा पैसे कमाने के लालच में जल्दी फंस जाती हैं. वो उसके साथी इसी बात का फायदा उठाते हैं. तस्कर गाजी ने बताया कि उनका काम ऐसे लोगों को सीमा पार कराकर आगे भेज देना है, इसकी एवज में उन्हें मोटी रकम मिल जाती है. बीएसएफ ने हसन गाजी के पास से 2 मोबाइल फोन, एयरटेल के भारतीय सिम कार्ड, 5 बांग्लादेशी सिम कार्ड और कई नकली आधार कार्ड बरामद किए हैं.


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