Gujarat News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सनातन धर्म के विरोधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और आस्था को मिटाना किसी के बस की बात नहीं है। शाह ने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे कई बार नष्ट करने की कोशिश हुई। लेकिन यह मंदिर आज भी शान से खड़ा है। उन्होंने मंगलवार को गांधीनगर में 267 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
सोमनाथ मंदिर: आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक
अमित शाह गांधीनगर के मानसा में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर को 16 बार नष्ट किया गया। महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक ने इस पर हमले किए। लेकिन मंदिर हर बार फिर से बनकर तैयार हो गया। हमला करने वाले मिट गए, लेकिन मंदिर का ध्वज आज भी आसमान में लहरा रहा है।
शाह ने जोर देकर कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है। भारत का सनातन धर्म सूर्य और चंद्रमा की तरह अमर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब वहां एक भव्य सोमनाथ कॉरिडोर भी बन रहा है।
साल भर मनेगा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’
गृह मंत्री ने घोषणा की कि इस साल ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जाएगा। इसके तहत देश भर में कार्यक्रम होंगे। उन्होंने इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1000 साल पहले गजनी ने मंदिर तोड़ा था। इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी और अहमद शाह जैसे आक्रमणकारियों ने भी हमले किए।
शाह ने बताया कि आजादी के बाद सरदार पटेल, केएम मुंशी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। उनका संकल्प था कि यह केवल मंदिर नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना है। विध्वंसक केवल विनाश जानते थे, लेकिन हम निर्माण में विश्वास रखते हैं।
गांधीनगर को मिली अंतरराष्ट्रीय लैब की सौगात
अमित शाह ने गांधीनगर में एक हाई-टेक ‘बायो सेफ्टी लैब-4’ (BSL-4) की आधारशिला रखी। गुजरात सरकार इस पर 362 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह लैब खतरनाक वायरस की पहचान करने में मदद करेगी। साथ ही यह पशुओं से इंसानों में फैलने वाले रोगों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी। अभी तक ऐसी सुविधा पुणे की लैब में थी। यह लैब युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खोलेगी।
युवा बने जॉब क्रिएटर: स्टार्टअप्स की उड़ान
कार्यक्रम के दौरान शाह ने भारत की स्टार्टअप शक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2014 में देश में 500 से कम स्टार्टअप थे। आज इनकी संख्या 10,000 के पार हो गई है। निजी निवेश 10 करोड़ से बढ़कर 7000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पेटेंट फाइल करने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। यह साबित करता है कि भारत का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है।

