Solan News: हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित खुंब अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। तीन साल के शोध में पाया गया कि मिल्की मशरूम डायबिटीज रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है। इस शोध में मशरूम की 321 प्रजातियों का परीक्षण किया गया।
शुगर कंट्रोल में सहायक
रिसर्च के अनुसार मिल्की मशरूम इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में मददगार पाया गया। यह शरीर में इंसुलिन को सही तरीके से काम करने में सहायता करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव कंपाउंड ब्लड शुगर को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पोषण का खजाना
मिल्की मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें विटामिन-सी और विटामिन-बी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सिर्फ 100 ग्राम मशरूम में लगभग 8.60 ग्राम विटामिन-बी होता है। यह फाइबर से भी समृद्ध है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
डॉक्टरी सलाह जरूरी
विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेनी चाहिए। खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं। मिल्की मशरूम एक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है लेकिन इसे दवा के विकल्प के रूप में नहीं देखना चाहिए।
किसानों के लिए लाभकारी
मिल्की मशरूम की खेती कम लागत में अधिक उत्पादन दे सकती है। भारत में जापान और चीन के बाद इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है। यह किसानों के लिए आय का एक अच्छा स्रोत बन सकता है। इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

