Mumbai News: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गठबंधन ने जबरदस्त बढ़त बना ली है। महायुति गठबंधन 135 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है। इस जादुई आंकड़े ने तीन दशक बाद शिवसेना के ठाकरे गुट को सत्ता से बाहर कर दिया है।
मतगणना सुबह दस बजे से शुरू हुई और तेजी से चल रही है। शुरुआती रुझान एग्जिट पोल की भविष्यवाणी को सटीक साबित कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल मुंबई के अगले महापौर को लेकर है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा की प्रचंड बढ़त उसे मेयर पद का दावेदार बना रही है।
महापौर पद को लेकर गठबंधन में मंथन
महापौर कीकुर्सी को लेकर महायुति गठबंधन के भीतर चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा अकेले नब्बे से सौ सीटों के करीब जीत की ओर बढ़ रही है। गठबंधन में बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा इस बार मेयर पद अपने पास रखना चाहती है। यदि ऐसा होता है तो मुंबई को अपना पहला भाजपाई महापौर मिलेगा।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी तीस से अधिक सीटों पर मजबूत स्थिति में है। सूत्रों के मुताबिक समझौते के तहत भाजपा को महापौर पद मिल सकता है। शिंदे गुट को स्थायी समिति का अध्यक्ष पद मिलने की संभावना है। गठबंधन मराठी अस्मिता और विकास दोनों का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरे को आगे कर सकता है।
चौंकाने वाले उलटफेर और प्रमुख जीत
मतगणनाके दौरान कई सीटों पर चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। धारावी के वार्ड 183 से कांग्रेस की आशा दीपक काले ने पार्टी का खाता खोला। उन्होंने 1450 वोटों से जीत हासिल की। इस जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में राहत की लहर दौड़ा दी है।
शिवसेना के ठाकरे गुट को भी कुछ राहत मिली है। प्रभादेवी के वार्ड 194 से निशिकांत शिंदे ने जीत दर्ज की। वार्ड 182 से पूर्व महापौर मिलिंद वैद्य भी विजयी रहे। भाजपा ने गोरेगांव और मानखुर्द जैसे क्षेत्रों में बड़ी सफलता पाई है।
छोटे दलों ने बिगाड़ा बड़े दलों का गणित
चुनावीरुझानों से साफ है कि छोटे दलों ने भी अपनी भूमिका निभाई है। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने गोवंडी और शिवाजी नगर में बढ़त बनाई। उन्होंने समाजवादी पार्टी और महाविकास अघाड़ी के वोट बैंक में सेंध लगाई है।
राज ठाकरे की मनसे ने भी अपनी वापसी दर्ज कराई है। पार्टी ने कल्याण-डोंबिवली और मुंबई के कुछ इलाकों में नौ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया। इससे पार्टी की प्रासंगिकता साबित हुई है। वोट प्रतिशत के मामले में भाजपा गठबंधन ने बढ़त बना ली है।
मतगणना की नई तकनीक और प्रक्रिया
बीएमसीआयुक्त भूषण गगरानी ने इस बार फेज्ड काउंटिंग का तरीका अपनाया है। इस पद्धति में एक समय में केवल दो वार्डों की गिनती की जा रही है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और गिनती सुचारू रूप से चलती है।
इस पद्धति के कारण अंतिम आधिकारिक परिणाम शाम के बाद ही स्पष्ट होंगे। लेकिन शुरुआती रुझानों ने सत्ता परिवर्तन का संकेत दे दिया है। मुंबई की सत्ता का नया केंद्र अब भाजपा-शिंदे गठबंधन का मुख्यालय होगा। यह बदलाव महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ लाएगा।

