Mumbai News: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी के चुनाव नतीजों में बड़ा उलटफेर हो गया है। शुरुआती रुझानों में एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही भाजपा (महायुति) अब बहुमत के आंकड़े से दूर हो गई है। ताजा आंकड़ों ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। भाजपा का ग्राफ अचानक नीचे गिर गया है। वहीं, कांग्रेस ने अपनी सीटों में जबरदस्त इजाफा कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। मुंबई की सत्ता की चाबी अब किसके हाथ लगेगी, इस पर सस्पेंस गहरा गया है।
बहुमत के लिए तरस रही महायुति
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। भाजपा अब 84 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कुछ देर पहले यह आंकड़ा 96 था। उनके सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी 30 से गिरकर 26 सीटों पर सिमटती दिख रही है। अब महायुति को बहुमत हासिल करने के लिए 4 से 6 सीटों की जरूरत है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की सेना (UBT) 61 सीटों पर मजबूती से डटी हुई है। राज ठाकरे की मनसे भी 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
कांग्रेस की ‘वापसी’ ने बिगाड़ा गणित
इस चुनाव में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की है। शुरुआत में पिछड़ रही पार्टी अब 23 सीटों पर आगे निकल गई है। पहले यह आंकड़ा 13 और 17 के बीच झूल रहा था। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम 7 सीटों पर बढ़त बनाकर मुकाबले में बनी हुई है। शरद पवार की एनसीपी और समाजवादी पार्टी 2-2 सीटों पर आगे हैं। अजित पवार गुट को केवल 1 सीट पर संतोष करना पड़ रहा है। अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 10 सीटें जाती दिख रही हैं।
दिग्गजों के रिश्तेदारों की हार
मुंबई के नतीजों में कई बड़े नाम धराशायी हो गए हैं। एनसीपी नेता नवाब मलिक के भाई को हार का सामना करना पड़ा है। अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली की बेटी भी चुनाव हार गई हैं। हालांकि, शिवसेना की उत्तर भारतीय उम्मीदवार रेखा राम यादव ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। राज्य में किसी उत्तर भारतीय महिला की यह पहली बड़ी जीत मानी जा रही है। वार्ड 111 से यूबीटी के दीपक सावंत और वार्ड 197 से शिंदे गुट की दीक्षा कारकर ने जीत हासिल की है।
संजय राउत का तीखा हमला
नतीजों में उतार-चढ़ाव के बीच शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना नहीं टूटती, तो भाजपा 50 सीटों पर ही सिमट जाती। राउत ने दावा किया कि असली शिवसैनिक आज भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं।
पुणे में भाजपा की लहर, लातूर में कांग्रेस का जलवा
मुंबई से इतर पुणे में भाजपा एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही है। वहां भाजपा 92 में से 80 सीटों पर आगे है। अजित पवार की एनसीपी का प्रदर्शन यहां फीका रहा है। नागपुर और पिंपरी-चिंचवड़ में भी भाजपा का दबदबा कायम है। हालांकि, लातूर में कांग्रेस ने बाजी पलट दी है। वहां कांग्रेस 36 सीटों पर आगे है, जबकि भाजपा 22 सीटों पर ही बढ़त बना सकी है।
