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ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारीयों ने कहा की अस्पताल के नए भवन को बनाने लिए संजय रतन ने दिए है करोड़ो रूपये..

ज्वालामुखी हॉस्पिटल का मुद्दा अब गर्माता नजर आ रहा है। जहां वर्तमान विधायक ने सारे आरोप पिछले विधायक पर लगाए थे। वही अब ब्लॉक कांग्रेस पूर्व विधायक के पक्ष में सबूतों सहित मैदान में आ गई है। ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि ज्वालामुखी अस्पताल को सिविल अस्पताल व 100 बेड का दर्जा तत्कालीन मुखयमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व विधायक संजय रतन की देन है। उन्होंने कहा की पूर्व विधायक संजय रतन ने अपने कार्यकाल में ज्वालामुखी अस्पताल के नए भवन को बनाने के लिए स्वीकृति दी थी और जिसका भूमि पूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सिंह व विधायक संजय रतन ने कर दिया था। जिस पर 10 करोड़ 84 लाख 57 हज़ार रूपये के लगभग राशि स्वीकृत की थी। जिसकी A&ES 07 अक्टूबर 2017 को सरकार ने दे दी थी, जिसकी प्रतिलिपि साथ में सलंगन की जा रही है और विधानसभा चुनाव से पहले इसका लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर करके ठेकेदार को अवार्ड कर दिया गया था और ठेकेदार ने चुनाव से पहले नए भवन का काम शुरु कर दिया था। जिसकी शिकायत वर्तमान विधायक ने चुनाव के समय चुनाव आयोग से भी की थी। मगर चुनाव आयोग ने उनकी शिकायत को दरकिनार कर नए भवन के काम को जारी रखने के निर्देश ठेकेदार को दिए थे। जैसे ही सरकार बदली और वर्तमान विधायक विधायक बने तो इन्होने स्वयं अस्पताल में जाकर इस काम को बंद करवा दिया था।

अक्टूबर 2017 से लेकर अक्टूबर 2020 तक इन्होने इस काम को नहीं किया। ज़बकि टेंडर में ठेकेदार ने इस भवन को एक साल के अंदर पूरा करना था। इसके बारे में पूर्व विधायक संजय रतन ने कई बार सरकार से आग्रह किया कि इस अस्पताल के भवन का काम शुरु किया जाए, मगर वर्तमान विधायक रमेश धवाला ने इस काम को नहीं होने दिया। ज़ब covid 19 आया तो उस वक़्त क्षेत्र के चुने हुए प्रतिनिधियों ने इकठा होकर उच्च न्यायालय में अक्टूबर 2020 को एक याचिका दायर की जिसमें मांग की गयी कि ज्वालामुखी सिविल अस्पताल के भवन का निर्माण जो की अक्टूबर 2017 में शुरू हो गया था, आज दिन तक अक्टूबर 2020 तक क्यों नहीं किया जा रहा है। इसमें सवास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग व ठेकेदार किस राजनीतीक व्यक्ति के दबाब में बंद करके बैठे है या निर्माणाधीन स्थान से कहीं अलग जगह भवन को बनाना चाहते है। वर्तमान विधायक अगर ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की जनता के इतने ही हितेषी होते तो पूर्व विधायक द्वारा शुरु किये गए निर्माण कार्य को एक साल के बजाए 9 महीने में पूरा करवाते। ज्वालामुखी अस्पताल को 100 बेड से 200 बेड का दर्जा दिलवाते, ताकि आज इस महामारी के समय हमारे क्षेत्र की जनता को किसी प्रकार की असुविधा ना होती।

उन्होंने कहा कि यही नहीं इन्होने विधायक बनने के बाद जितने भी पूर्व विधायक संजय रतन दुवारा स्वीकृत काम थे या तो उनको रोक दिया या शुरु ही नहीं होने दिया। जिसमें CHC ख़ुडिया व PHC डोला खारियाणा का पैसा भी वैसे ही पड़ा हुआ है। इसके आलावा कई और विकास के काम भी अधर में लटका रखे है। इनके द्वारा कांग्रेस के ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार व झूठे है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा की विधायक रमेश धवाला विकास करवाने में पूरी तरह असफल रहे है। इसलिए व झूठी और तथ्यों से हटकर व्यानबाजी कर जनता का ध्यान भटकाकर अपनी ओछी राजनीती कर रहे है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा की आज ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में जो भी काम विकास का चले हुए है वह पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह व पूर्व विधायक संजय रतन की देन है।

ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कै. दीपक चौहान, नगर परिषद अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजिंदर राणा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मला राणा, ओ. बी. सी अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, सेवादल अध्यक्ष सुरजीत लम्बरदार, करतार राणा, सुनील कुमार, मुल्तान सिंह, बजीर चंद, संजय धीमान, अजय कुमार, नरिंन्द्र सिंह, बकील चौधरी, प्रदीप मनकोटिया, जिला काँगड़ा युवा कांग्रेस महामंत्री नीरज शर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज राणा ने प्रेस के जारी व्यान में कहा की वर्तमान विधायक रमेश धवाला अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मनगढंत आरोप कांग्रेस पर लगा रहे है।

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