नाचन में भाजपा का सफाया, 2017 और 2021 में दिखा बडा अंतर, जानिए पूरा मामला

2017 के विधानसभा सभा चुनावों में पहले प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री चेहरा घोषित थे और नाचन में भाजपा को बडा समर्थन मिला। जिसके चलते भाजपा की रिकॉर्ड मतो से जीत हुई थी। लेकिन जिला परिषद चुनाव 2021 में जहां भाजपा समर्थित उमीदवार थे वहां बड़ी मुश्किल से आंकड़ा मुश्क़िल मतों की जितनी लीड थी तक पहुंचा।

18 दिसंबर 2017 को क्या हुआ था
विधानसभा चुनाव में नाचन क्षेत्र में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था, भाजपा प्रत्याशी विनोद कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी को बड़े अंतर से पराजित कर दिया था। सुबह आठ बजे से चली मतगणना रात चार बजे तक चली। आठ राउंड में चली मतगणना में ऐसा कोई राउंड नही रहा, जिसमें कांग्रेस को बढ़त मिली थी। लगातार हर चरण में भाजपा का पलड़ा भारी रहा था। प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की खुशी का कोई ठिकाना नही था।

नाचन में दूसरी बार मिली जीत के बाद नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कायकर्ताओं सहित नाचन की जनता और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया था। भाजपा के विनोद को कुल 61893 वोटों में से 38154 वोट मिले थे, कांग्रेस के लाल सिंह को 22258, निर्दलीय सत्यप्रकाश को 794 मत से संतोष करना पड़ा था। नोटा का प्रयोग 468 लोगों ने किया था। कर्मचारियों के 206 मत अवैध घोषित हुए थे और विनोद कुमार 15896 मतों से विजय घोषित हुए थे।

जिला परिषद चुनावों का आंकड़ा चौकाने वाला:

इस बार का जिला परिषद के चुनावों का आँकड़ा चौकने वाला है, जहां भाजपा समर्थित उमीद्वारो को सिर्फ 17706 ही कुल मत पूरे विधानसभा की 4 जिला परिषद सीटों पर मिले। हालांकि दो सीटों पर भाजपा की जीत भी हुई है, लेकिन 2 सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। आज विधानसभा क्षेत्र में विधायक की रिकॉर्ड जीत की या हार जीत की नही, बल्कि भाजपा को जिला परिषद चुनावों में कितना वोट पड़ा उसकी है।

इस मामले में हमने वर्तमान विधायक का पक्ष जानने की कोशिश की तो उनका कोई जबाब नही आया। उनका कहना था कि भाजपा के बहुत से उम्मीदवार मैदान में थे तो वोट बंट जाने से यह स्थिति पैदा हुई है।

कांग्रेस से लाल सिंह कौशल का पक्ष:

उधर कांग्रेस प्रत्याशी लाल सिंह कौशल का कहना है कि जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री बने थे तो मंडी में दीवाली का माहौल था। भाजपा के साथ साथ कांग्रेस के लोगों ने भी जश्न मनाया था। लेकिन भाजपा का पिछले तीन साल का कार्यकाल पूरी तरह निराशाजनक रहा। जिसके चलते इस बार नाचन में भाजपा का वोट बैंक कम हुआ है। यहां बेरोजगारों के एक बड़ी कतार खड़ी हुई है, नाचन का पढ़ा लिखा जवान नौकरियों के लिए तरस रहा है। जिसके चलते लोगों का भाजपा से मोह भंग हो गया है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद वार्ड कोट में भाजपा की प्रत्याशी तीसरे नम्बर पर रही, निर्दलीय प्रत्याशी दूसरे नंबर पर आई और कांग्रेस प्रत्याशी ने विजय हासिल की
जो अपने आप में भाजपा की नीतियों के खिलाफ एक बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि महादेव वार्ड में भी भाजपा का यही हाल हुआ है और कई जगह भाजपा के प्रत्याशी इकाई और दहाई का आंकड़ा पर करने में भी असमर्थ रहे।

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