नामांकन करने जा रहे सपा नेता जितेंद्र यादव को भाजपा समर्थकों ने सपा नेता को पीटा

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गोरखपुर में पूर्व मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह की पुत्र बधू, कैंपियरगंज से विधायक फतेह बहादुर की पत्नी भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय है। सिर्फ औपचारिक तौर पर घोषणा और प्रमाण पत्र के लिए उन्हें 29 जून तक इंतजार करना है। नामांकन पत्र वापसी की तिथि 29 जून को दोपहर 03 बजे उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया जाएगा। शनिवार को अलग अलग समय पर साधना सिंह ने चार सेट में और वार्ड नंबर 11 चरगांवा से संगीता पासवान ने एक सेट में नामांकन दाखिल किया था। हालांकि जांच में संगीता पासवान का नामांकन खारिज हो गया। 

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आलोक कुमार गुप्ता नामांकन करने नहीं आए। सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और अन्य पदाधिकारियों में आखिरी वक्त में वार्ड नंबर 47 से जितेंद्र यादव को नामांकन कराने कलेक्ट्रेट के लिए निकले लेकिन नामांकन केंद्र तक नहीं पहुंच पाए। जितेंद्र कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचते ही भाजपा समर्थकों ने पुरजोर विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य पारस यादव की पिटाई कर उनके कपड़े फाड़ दिए। 

इसलिए भड़के थे साधना समर्थक

भड़के साधना समर्थकों का आरोप था कि सपा से आलोक कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र यादव पर्चा ले गए थे। जब वे दोनों ही नामांकन करने नहीं पहुंचे तो जितेंद्र यादव क्यों और कैसे नामांकन कर सकते हैं। भाजपा नेताओं का आरोप था कि उन्होंने तो नामांकन पत्र भी नहीं खरीदा था। 

इसलिए खारिज हुआ संगीता का नामांकन पत्र

नामांकन पत्रों की जांच में संगीता का नामांकन पत्र एक प्रारूप पर संगीता पासवान के हस्ताक्षर के अभाव में खारिज हो गया। दूसरी खामी यह थी कि संगीता पासवान का अनुमोदक, निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य न होकर कोई बाहरी था। हालांकि नामांकन केंद्र पर चर्चा थी कि संगीता ने भी विधायक फतेह बहादुर सिंह के कहने पर ही नामांकन किया था। नामांकन पत्र में गलती भी सोची भी एक रणनीति का हिस्सा थी। 

और 2.30 बजे लौट गए सपा प्रत्याशी एवं जिला अध्यक्ष

उधर नामांकन की अवधि 3 बजे खत्म होनी थी लेकिन नामांकन में आधे घंटे का वक्त रहते ही दोपहर 2.30 बजे सपा प्रत्याशी को कलेक्ट्रेट के बाहर से ही लौटना पड़ा। भारी हंगामे के बीच सपा जिलाध्यक्ष नगीना, प्रत्याशी जितेंद्र यादव और उनके सम‌र्थक व अनुमोदक, कलेक्ट्रेट के गेट से लौट गए।  कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने शास्त्री चौक पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।

फूल-मालाओं से लाद ही गई साधना और फतेह बहादुर

3 बजे नामांकन की अवधि खत्म होने के बाद एडीएम एफआर राजेश सिंह ने स्वयं समय समाप्त होने की घोषणा की। उसके बाद नामांकन पत्र की जांच का वक्त लिया। साधना सिंह इस दौरान नामांकन केंद्र में ही बैठी हुई थी। जैसे ही बताया गया कि संगीता पासवान का नामांकन पत्र खारिज हो गया, पहले से ही फूल मालाएं लेकर पहुंचे सदस्यों ने साधना सिंह को फूल मालाओं से लाद दिया। नारे भी लगाए। बाद में कलेक्ट्रेट परिसर में विधायक फतेह बहादुर‌ सिंह को फूल-मालाओं से लाद दिया गया। मिठाइयां बांटी गई। पार्क रोड स्थित फतेह बहादुर के आवास कई जगह पटाखे भी फोड़े-मिठाईयां बांटी गई। 

कुल आठ दावेदारों ने खरीदा था पर्चा

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह, सपा के आलोक कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र यादव,वार्ड संख्या पांच भटहट से अर्चिता सिंह पत्नी अजय कुमार सिंह, वार्ड नंबर आठ भटहट से मनोज मिश्रा, वार्ड नंबर 11 चरगांवा से संगीता पत्नी राजू पासवान, वार्ड नंबर 59 ब्रह्मपुर से सावित्री पत्नी रामप्रीत और वार्ड नंबर एक से राम दयाल यादव ने नामांकन पत्र खरीदा। 

के. विजयेंद्र पांडियन, रिटर्निंग ऑफिसर व डीएम ने बताया कि ‘सिर्फ दो प्रत्याशियों ने नामांकन किया। साधना सिंह ने 4 सेट और संगीता पासवान ने 01 सेट में नामांकन किया। नामांकन पत्रों की जांच में संगीता पासवान का पर्चा खारिज हो गया। 29 को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का दिन है। एक ही प्रत्याशी बचे होने की वजह से साधना सिंह को निर्विरोध निर्वाचन का सर्टिफिकेट 29 को दिया जाएगा। नामांकन के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती गई। शांति पूर्ण माहौल में सभी प्रक्रियाएं पूर्ण हुई।’’

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