Amravati News: अमरावती नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर घमासान मच गया है। पार्टी के 22 उम्मीदवारों ने अपनी ही सीनियर नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को एक सख्त पत्र लिखा है। इसमें नवनीत राणा पर चुनाव में ‘भीतरघात’ करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पार्टी से निष्कासित करने की मांग की गई है।
‘असली’ और ‘डमी’ उम्मीदवार का खेल
शिकायत करने वाले 22 नेताओं में चुनाव जीतने वाले दो और हारने वाले 20 उम्मीदवार शामिल हैं। इन नेताओं ने पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नवनीत राणा ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों को ‘डमी’ (नाममात्र का) बताया। इसके उलट, उन्होंने अपने पति रवि राणा की ‘युवा स्वाभिमान पार्टी’ के उम्मीदवारों को ‘भाजपा का असली चेहरा’ बताकर प्रचार किया। इसी भ्रम के कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा।
विपक्ष से नहीं, अपनों से हारे
चुनाव से ठीक पहले भाजपा और विधायक रवि राणा की पार्टी का गठबंधन टूट गया था। इसके बावजूद, स्थानीय भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि नवनीत राणा पार्टी धर्म निभाते हुए भाजपा का समर्थन करेंगी। पत्र में उम्मीदवारों ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा, “हम मेहनती कार्यकर्ता हैं। हमारी हार विपक्ष या जनता के कारण नहीं, बल्कि नवनीत राणा द्वारा खुले तौर पर पार्टी के खिलाफ काम करने से हुई है।”
आंकड़ों में भाजपा को भारी नुकसान
अमरावती के 87 सदस्यीय नगर निगम के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। पिछली बार 45 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार सिमटकर सिर्फ 25 सीटों पर आ गई है। दूसरी ओर, रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी ने लंबी छलांग लगाते हुए 3 से 15 सीटें जीत लीं। इसके अलावा कांग्रेस को 15, AIMIM को 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 11, शिवसेना और बसपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं।
पार्टी खत्म होने का डर
नाराज उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री फडणवीस को चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि अगर नवनीत राणा को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया, तो भविष्य में अमरावती शहर से भाजपा का अस्तित्व ही मिट जाएगा। फिलहाल इस पूरे विवाद और आरोपों पर पूर्व सांसद नवनीत राणा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

