वाराणसी में कोरोना टीकाकरण के दौरान मंत्री रविंद्र जायसवाल का ग़ुस्सा कोरोना टीका लगवाने पहुंचे एक शख्स पर फूट पड़ा। मंत्री उसे मारने के लिए दौड़ पड़े। मंत्री युवक को पीटते इससे पहले ही सुरक्षाकर्मियों ने दौड़ते हुए मंत्री को रोककर किसी तरह शांत कराया। पीडि़त व्यक्ति का आरोप है कि वो और वहां मौजूद लोग काफी देर से धूप में खड़े होकर परेशान थे, लेकिन मंत्री के इंतजार में टीकाकरण शुरू नहीं हो रहा था। इसलिए उसने आपत्ति जताई तो मंत्री मारने को दौड़ पड़े। वाराणसी के लगभग सभी सेंटरों पर लेटलतीफी के बीच 18 से 44 आयु वर्ग वालों का बहुप्रतीक्षित टीकाकरण शुरू हुआ।

मीडिया समेत अन्य सार्वजनिक माध्यमों से प्रशासन ने पहले जानकारी दी थी कि टीकाकरण दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। रजिस्ट्रेशन के वक्त भी यही समय लाभार्थियों को मिला, जिसके बाद सुबह 10 बजे से ही इन केंद्रों के बाहर धूप में लाभार्थियों की लंबी लाइनें लग गईं। 12 बजे जब टीकाकरण नहीं शुरू हुआ तो धूप में खड़े लाभार्थियों का सब्र टूटने लगा। इसको लेकर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वहां मौजूद लोग मुखर होने लगे। ऐसा नजारा महिला अस्पताल कबीर चौरा में भी देखने को मिला। जहां मंत्री नीलकंठ तिवारी भी 12 बजे के बाद देरी से पहुंचे।

ऐसा ही हाल शिवपुर सीएचसी का भी रहा। यहां मंत्री रविंद्र जायसवाल को टीकाकरण का शुभारम्भ करना था, लेकिन मंत्री जी लेट पहुंचे इसी बीच धूप में खड़े संजय दुबे नाराज हो गए। व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराने लगे। व्यवस्था पर खरी खोटी भी सुना दी। संजय दुबे को 12 बजे का समय दिया था, लेकिन टीकाकरण शुरू नहीं हुआ इसी बात की आपत्ति उन्होंने दर्ज कराई। इस पर मंत्री जी गुस्सा गए और मारने के लिए दौड़ पड़े। मंत्री जी गुस्से से तमतमाए हुए संजय दुबे की तरफ़ दौड़ते हुए तस्वीरों में भी कैद हो गएं और वहां मौजूद उनके समर्थक और सुरक्षाकर्मी उन्हें पकड़ रहे हैं। पीडि़त संजय दुबे ने मीडिया को बताया कि मंत्री गुस्से में उसे मारने के लिए दौड़े थे।

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