Himachal News: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कांगड़ा जिले के एक 94 वर्षीय बुजुर्ग को पांच महीने से पेंशन न मिलने का मामला उठाया है। चक्षु ने इसे सरकार की अमानवीय कार्यशैली बताया है।
उन्होंने कहा कि भगवान दास शर्मा नाम के इस वरिष्ठ नागरिक को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही। इससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हुई हैं। यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। पूरे प्रदेश में कई पेंशनभोगी समान समस्या से जूझ रहे हैं।
कई जिलों से आ रही हैं शिकायतें
विश्व चक्षुके अनुसार, कांगड़ा, मंडी और ऊना सहित कई जिलों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। कहीं तकनीकी खामियों का हवाला दिया जा रहा है। कहीं फाइलें कार्यालयों में ही अटकी पड़ी हैं। बुजुर्गों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इस स्थिति से सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आती है। योजनाएं सिर्फ कागजों और घोषणाओं तक सीमित रह गई लगती हैं। जमीन पर उनका क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है।
निगरानी तंत्र में दिखती है कमजोरी
भाजपानेता ने कहा कि इससे सरकार के निगरानी तंत्र की कमजोरी उजागर होती है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। इस लापरवाही से बुजुर्गों के जीवनयापन पर सीधा असर पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी है। कहा कि अगर लंबित पेंशन मामलों का तत्काल निपटारा नहीं हुआ तो पार्टी आंदोलन करेगी। यह आंदोलन सड़क से लेकर विधानसभा तक हो सकता है।
बुजुर्गों के सम्मान से जुड़ा है मुद्दा
विश्व चक्षुने स्पष्ट किया कि यह बुजुर्गों के सम्मान और आत्मनिर्भरता का मुद्दा है। सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलना गंभीर चिंता का विषय है। इससे समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस संवेदनहीनता के लिए जवाब देना होगा। बुजुर्गों के साथ हो रहे इस व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
इस मामले ने प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना जरूरी है कि सरकार इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करती है। बुजुर्ग नागरिकों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

