कैलाश, यह नाम भगवान शिव के निवास के कारण जाना जाता है। कैलाश पर्वत को न तो कोई भेद पाया और न उस पर चढ़ पाया। कैलाश के पास जाने से मन निर्मल हो जाता है। विश्व में एकमात्र पर्वत है जिस पर चुम्बकीय और परमाणु शक्तियों का अहसास होता है। इस नाम को धारण करने का अर्थ है भगवान शिव जैसा निर्मल व्यक्तित्व।

पर मप्र के कैलाश ने अपनी ऊचाइयों से जितना प्रदेश को गौरवान्वित किया था उसे रसातल में पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर वायरल एक आडियो पर भरोसा करें तो उसमें न सिर्फ भाजपाके राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विषय में अपशब्दों के साथ उन्हें कथित तौर पर अय्याश बताया जा रहा है, बल्कि एक सीट पर किसी संतोष से टिकट देने को लेकर पैसों के लेनदेन की भी चर्चा की जा रही है। सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पत्रकार सीमा सेनगुप्ता ने यह पोस्ट की है।

यह कहा जा रहा है वायरल आडियो में

लिंक: https://www.linkedin.com/posts/seema-sengupta-30a8a629_indian-home-minister-amit-shahs-close-aides-activity-6776590442176897024-ZW4X

सीमा सेनगुप्ता ने ट्विटर व लिंक्डइन पर आडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह के करीब काम करने वाले भाजपा नेता और एक प्रत्याशी के बीच पैसे लेकर सीट बेचने की बातचीत को सुनकर वे दंग रह गई हैं। इसी ऑडियो में कैलाश विजयवर्गीय और प. बंगाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के विषय में काफी अपशब्द कहे जा रहे हैं। ऑडियो में किसी जीतू का भी नाम आया है। ऑडियो की बातचीत के अंश-

भाजपा नेता- ‘कल आपने दोपहर के बाद पेमेंट दी है, हमने काम शुरू कर दिया है…अब ऐसा नहीं है कि कल आपने पेमेंट किया है और आज हम आपको हाथ में टिकट दे दें। आप कल रात में भी फोन किया और आज भी मैसेज कर रहे हैं। ऐसा है संतोष जी आपका काम शुरू करा दिया है, जीतू भाई ने शुरू कर दिया है, आपको अपडेट मिल जाएगा। काम होगा तो आकर टिकट ले जाना नहीं तो आप अपना पैसा आकर ले जाना।’ (इस बीच कथित संतोष नाम का व्यक्ति नहीं-नहीं, ऐसा नहीं है कह रहा है)

प्रत्याशी- ‘नहीं हम तो सब समझ रहे हैं, हमें इस बात की चिंता है कि हमारे जो प्रदेश अध्यक्ष हैं वो किसी को लेकर पूरा दौड़ा-दौड़ी मचाए हुए हैं।’

भाजपा नेता– ‘वो कुछ भी कर लें, वो हमसे ऊपर नहीं हैं।’

प्रत्याशी- ‘हां, यह बात तो मैं समझता हूं…’

भाजपा नेता- ‘वो अध्यक्ष साला कहीं जाए कोई टेंशन नहीं है। बुरा मत मानिएगा, दिलीप घोष तो वैसे ही बदनाम है, बीजेपी की (गाली) हुई है बंगाल में…’

प्रत्याशी- इसमें कोई दो मत नहीं है…

भाजपा नेता (बात काटते हुए)- ‘एक्चुअली में मैं बताता हूं कैलाश विजयवर्गीय को ऑफर दी है उसने… किसी को लेकर गया था… किसी की बात करी थी। कैलाश जी से कुछ ऑफर वगैरह… कैलाश भी… बुरा मत मानिएगा मैं खुलकर बताता हूं आपको… वो भी (गाली) है, वो लड़कियां चाहता है बंगाल में जाकर… दिलीप घोष उसकी सेवा करता है… दोनों साले एक थाली के चट्टे-बट्टे हैं…’

कैलाश विजयवर्गीय ने रिसीव नहीं किया फोन

इस आडियो के संबंध में चर्चा करने के लिए हमने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को कई बार फोन लगाया, पर उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया। उनके पीए मनीषी श्रीवास्तव ने भी फोन नहीं उठाया।

जीतू पटवारी ने नहीं उठाया फोन, मिश्रा ने डरते-डरते दिया बयान

इस आडियो के संबंध में प्रदेश का्ंग्रेस मीडिया प्रभारी (कार्यवाहक) एवं पूर्व मंत्री जीतू पटवारी से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने पहले तो आडियो मंगाया, बाद में फोन ही नहीं उठाया। वहीं कांग्रेस के मीडिया विभाग के महासचिव केके मिश्रा पहले तो बयान देने से आनाकानी करते रहे, बाद में केवल एक लाइन का बयान छापने की बात कही। केके मिश्रा ने कहा कि इस आडियो की जांच होना चाहिए और दोषियों पर कार्यवाही होना चाहिए। इससे ज्यादा पूछने पर उन्होने कुछ भी कहने से मना कर दिया। यहां बता दें कि जीतू पटवारी और केके मिश्रा दोनों इंदौर के रहने वाले हैं जहां के कैशलाश विजयवर्गीय भी हैं।

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