गुरूवार, जनवरी 8, 2026
3.2 C
London

बिहार न्यूज़: हिंदू लड़की ने मुस्लिम प्रेमी से शादी के सात दिन बाद की घर वापसी, मंदिर में हुआ शुद्धिकरण

Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से एक अद्भुत मामला सामने आया है। एक हिंदू लड़की ने अपने मुस्लिम प्रेमी से भागकर शादी की थी। शादी के सात दिन बाद ही लड़की ने अपना फैसला बदल लिया। वह वापस अपने परिवार के पास लौट आई और मंदिर में उसका शुद्धिकरण हुआ।

यह मामला पिछले सप्ताह चर्चा में आया था। लड़की ने शादी के बाद एक वीडियो भी जारी किया था। उसने कहा था कि यह उसकी अपनी मर्जी से हुई शादी है। लेकिन सात दिन के भीतर ही उसने कोर्ट जाकर अपना बयान बदल दिया। अब वह अपने माता-पिता के साथ रह रही है।

क्या था पूरा प्रकरण?

तीस दिसंबर कोलड़की ने नियाजुल नाम के युवक के साथ घर से भागकर शादी की। शादी के बाद लड़की ने मांग में सिंदूर भरकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला। उस वीडियो में उसने स्पष्ट किया कि यह लव जिहाद नहीं है। उसने अपने पति के साथ सुरक्षा की मांग भी की थी।

इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर तूफान ला दिया था। लोग इस प्रेम विवाह पर चर्चा करने लगे। लड़की के परिवार ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी थी। सात दिन बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। लड़की ने स्वयं ही अपना मन बदल लिया।

क्यों बदला लड़की का मन?

लड़कीने बताया कि शादी के बाद वह दिल्ली चली गई थी। दिल्ली में आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में उन्होंने शादी रजिस्टर कराई। दिल्ली प्रवास के दौरान उसकी माता-पिता से फोन पर बात हुई। इस बातचीत ने उसके मन पर गहरा प्रभाव डाला।

यह भी पढ़ें:  बिहार में एड्स संकट: विदेश लौटे मजदूरों से घर तक पहुंच रहा एचआईवी संक्रमण

उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने घर लौटने का निर्णय लिया। वह मंगलवार को कोर्ट पहुंची और अधिकारियों को बताया कि अब वह उस युवक के साथ नहीं रहना चाहती। उसने अपने माता-पिता के पास लौटने की इच्छा व्यक्त की। कोर्ट ने उसकी बात मान ली।

मंदिर में क्या हुआ शुद्धिकरण?

लड़कीके घर लौटने के बाद परिवार ने उसे महावीर मंदिर ले जाया। वहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उसका स्वागत किया गया। सबसे पहले लड़की को स्नान कराया गया। इसके बाद पवित्र गंगाजल से उसका शुद्धिकरण किया गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हुई।

शुद्धिकरण के बाद लड़की ने मंदिर में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। उसने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने लड़की की घर वापसी का स्वागत किया।

लड़की ने क्या कहा?

मंदिर मेंलड़की ने सार्वजनिक रूप से अपने विचार साझा किए। उसने कहा कि उसे अब महसूस हो रहा है कि अपना धर्म ही श्रेष्ठ है। दूसरे धर्म में शादी करना सही फैसला नहीं था। उसने अपनी गलती स्वीकार की और परिवार से माफी मांगी।

लड़की ने कहा कि उसे अब समझ आया कि धर्म और संस्कृति का क्या महत्व है। उसने भविष्य में सोच-समझकर फैसले लेने का वादा किया। परिवार ने भी उसे पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। सभी रिश्तेदार इस घटना के बाद राहत महसूस कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  बिहार चुनाव: महागठबंधन में दरार, तेजस्वी यादव  शुरू करेंगे अलग यात्रा; जानें कब से होगा आगाज

समाज में क्या है प्रतिक्रिया?

इस मामलेने स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू कर दी है। कुछ लोग लड़की के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसने सही निर्णय लिया। वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक दबाव का नतीजा मान रहे हैं। उनका कहना है कि लड़की पर पारिवारिक दबाव था।

धार्मिक नेता इस मामले पर टिप्पणी कर रहे हैं। उनका मानना है कि युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता इसे व्यक्तिगत फैसले का मामला मानते हैं। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद का अधिकार है।

क्या कहते हैं कानून के जानकार?

कानून विशेषज्ञोंके अनुसार लड़की वयस्क है और उसे अपना फैसला लेने का अधिकार है। उसने स्वेच्छा से शादी की थी और स्वेच्छा से ही उसे छोड़ा है। कानूनी तौर पर उस पर कोई पाबंदी नहीं है। दोनों धर्मों के वयस्क लोग कानूनन शादी कर सकते हैं।

अगर लड़की की शादी कानूनी रूप से रजिस्टर्ड थी तो उसे तलाक की प्रक्रिया से गुजरना होगा। कानूनी प्रक्रिया के बिना शादी समाप्त नहीं होती। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे मामलों में कानूनी सलाह लेनी चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी कानूनी उलझन से बचा जा सकता है।

Hot this week

Related News

Popular Categories