Bihar News: सीवान जिले में एक पुलिस कार्रवाई ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के खोड़ीपाकड़ गांव में पुलिस की फायरिंग में दो युवतियां घायल हो गई हैं। आरोप है कि पुलिस ने चोरों को पकड़ने के बजाय सूचना देने वाले परिवार की बेटियों पर गोलियां चला दीं। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
सुबह की शुरुआत चोरी की सूचना के साथ हुई
घटनाशुक्रवार सुबह की है। ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के पास संदेहास्पद हलचल देखी। वकील पंडित के परिवार ने कुछ युवकों को ट्रक के पुर्जे खोलते पाया। संदेह होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
बिना चेतावनी शुरू हुई फायरिंग
ग्रामीणोंका आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही बिना कोई चेतावनी दिए फायरिंग शुरू कर दी। यह गोलीबारी इतनी अचानक हुई कि घर के दरवाजे पर खड़ी पंडित की दो बेटियां अंजू और नीतू कुमारी घायल हो गईं। दोनों के पैरों में गोली लगी। इससे गांव में रोष फैल गया।
मौके से फरार हो चुके थे चोर
घटनास्थल पर मौजूद लोगोंका कहना है कि पुलिस की गाड़ी आते ही चोर वहां से भाग गए थे। चोरों के भाग जाने के बाद फायरिंग का कोई तर्क नहीं बनता। ग्रामीणों ने घटना के तुरंत बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया। बाद में उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया जहां उनका इलाज जारी है।
परिवार का पुराना दर्द फिर से हुआ ताजा
घायल लड़कियोंकी मां ने बताया कि पहले भी पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की थी। कुछ दिन पहले इलाके में चोरी हुई थी तब पुलिस ने परिवार से कठोरता से पूछताछ की थी। इस बार तो परिवार ने खुद पुलिस को बुलाया था। पुलिस ने चोरों को छोड़कर उन्हीं पर गोली चला दी।
पुलिस के बयान में विरोधाभास
भगवानपुर हाट थानाप्रभारी आशुतोष कुमार सिंह ने एक अलग दावा किया है। उनका कहना है कि चोरों ने पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई। इसी दौरान दोनों लड़कियों को गोली लग गई। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किसकी थी।
गोलियों के खोखे मिलने ने बढ़ाया आरोपों का दबाव
घटनास्थल सेगोली के खोखे बरामद हुए हैं। इससे आरोप और पुख्ता हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गोली सीधे परिवार को निशाना बनाकर चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस जिस तरह एनकाउंटर में पैर में गोली मारती है, वैसे ही इन लड़कियों के पैर में गोली लगी है।
गांव में उबल रहा है आक्रोश
इस घटनाके बाद गांव के लोग सड़क पर आ गए हैं। वे पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिसने चोरी की सूचना दी, उसी के परिवार को निशाना बनाया गया। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा डगमगा गया है।
घटना की जांच की मांग तेज हुई
स्थानीय नेताओंऔर ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि उच्च स्तर पर जांच हो। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। इस घटना ने पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
