Bihar News: बिहार में इन दिनों कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। घने कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में चालीस साल बाद इतनी लंबी और तीव्र सर्दी पड़ रही है। तापमान लगातार निचले स्तर पर बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में ठंड बढ़ी है। पाकिस्तान की तरफ से आ रही ठंडी पछुआ हवाओं ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। दिन और रात दोनों समय ठिठुरन भरी ठंड महसूस की जा रही है। लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गया जैसे जिलों में दस जनवरी तक कोल्ड-डे जैसे हालात रह सकते हैं। अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं आने की संभावना है।
वहीं न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। पंद्रह जनवरी से पहले ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पूरा जनवरी महीना सामान्य से अधिक ठंडा रह सकता है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा प्रकोप
पश्चिमी बिहार के ग्यारह जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इनमें पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शीतलहर लंबे समय तक रहने की आशंका है।
पंद्रह जनवरी के बाद मौसम साफ हो सकता है। पर रात का तापमान और गिरने की संभावना है। दिसंबर से जनवरी तक कुल बाईस दिन कोल्ड डे जैसे हालात रहे हैं। यह सामान्य से आठ दिन अधिक है।
तापमान ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
तीन जनवरी को समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान साढ़े चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साल 1998 के बाद इतनी कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी थी। पिछले दस दिनों में गया, छपरा, सहरसा और सीवान जैसे शहरों में तापमान पांच डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।
बिहार के कई जिलों में दशकों का रिकॉर्ड टूट गया है। धूप न निकलने के कारण दिन का तापमान भी नहीं बढ़ पा रहा है। इससे ठंड का अहसास और बढ़ जाता है। लोगों को राहत के लिए धूप का इंतजार है।
यातायात व्यवस्था पर प्रभाव
घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहनों की रफ्तार थम गई है। कई जगहों पर सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। लोगों की जान जा रही है।
तेजस और राजधानी जैसी कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। पटना एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द या विलंबित हुई हैं। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हवाई अड्डे पर भीड़ जमा है।
कोहरा और कनकनी का कारण
पश्चिमी विक्षोभ के चलते ठंडी हवा और अधिक नमी के कारण घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे की चादर सूरज की गर्मी को जमीन तक नहीं पहुंचने दे रही है। इससे दिन में भी तापमान नहीं बढ़ पा रहा है।
धूप न मिलने के कारण कनकनी ज्यादा महसूस हो रही है। वायु प्रदूषण के कण भी वातावरण में मौजूद हैं। कोहरे के साथ ये कण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं। सांस की बीमारियों के मरीजों को दिक्कत हो रही है।
सर्दी से निपटने की तैयारी
प्रशासन ने ठंड से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। आश्रय स्थलों और राहत शिविरों को सक्रिय किया गया है। गरीब और बेघर लोगों को कंबल व गर्म कपड़े बांटे जा रहे हैं। चिकित्सा सेवाएं भी सतर्क हैं।
पटना समेत कई शहरों में रात के समय सफाई कर्मचारियों को विशेष अवकाश दिया गया है। सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रहती है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कृषि पर पड़ रहा असर
लगातार ठंड और कोहरे का असर कृषि पर भी पड़ रहा है। सब्जियों और रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सुबह के कोहरे के समय सिंचाई न करें। फसलों पर पड़ी ओस को सूखने दें। आलू और टमाटर जैसी फसलों को ठंड से बचाने के उपाय करें। तापमान में गिरावट जारी रह सकती है।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह
चिकित्सकों ने लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों का ख्याल रखने की जरूरत है। गर्म कपड़े पहनें और सिर व कानों को ढक कर रखें। सुबह और शाम के समय घर से बाहर न निकलें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें। गुनगुना पानी पीते रहें। सर्दी-जुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अस्थमा के मरीज विशेष सावधानी बरतें। प्रदूषण और ठंड का मिला-जुला असर खतरनाक हो सकता है।
बिहार में मौसम की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। लोग राहत के लिए आसमान की तरफ देख रहे हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अभी कुछ दिन और यही हालात रहेंगे। ठंड से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी जारी है।
