हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में पंचायत कार्यों में धांधली का मामला सामने आया है। प्रदेश सरकार के वन मंत्री राकेश पठानिया के विधानसभा क्षेत्र नूरपुर की डन्नी पंचायत में विकास कार्यों में बड़ी धांधली का यह मामला आरटीआई कानून से उजागर हो पाया। मामले में 5 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार विकास खंड नूरपुर की डन्नी में वर्ष 2011 से 2015 तक विकास कार्यों में कथित तौर पर धांधली करने वाले पूर्व प्रधान, वार्डपंच, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक व पंचायत सहायक के खिलाफ विजिलेंस थाना धर्मशाला में एफआइआर दर्ज की गई है।

मामले के मुख्य पांच आरोपितों के अलावा पंचायत के कुछ और लोगों को भी विजिलेंस ने मामले में शामिल किया है। मामले की पेशी 25 मार्च को स्पेशल जज कोर्ट धर्मशाला में होगी। गौरतलब है कि डन्नी के एक व्यक्ति ने वर्ष 2016 में सूचना के अधिकार के तहत पंचायत में 2011 से 2015 तक हुए आठ विकास कार्यों के बारे में जानकारी मांगी थी। आरटीआई से प्राप्त जानकारी में पाया गया था कि सभी आठ कार्यों में तत्कालीन पंचायत प्रधान, पंचायत सचिव, वार्डपंच, तकनीकी सहायक व पंचायत सहायक ने गलत तरीके से मस्टररोल भरे और फर्जी लोगों की दिहाड़ियां लगाईं। ऐसे लोगों के नाम मजदूरों में शामिल कर दिए थे जिन्होंने मनरेगा के तहत काम ही नहीं किया था।

इस बात की पुष्टि के बाद यह शिकायत उपायुक्त कांगड़ा के पास पहुंची थी। विजिलेंस ने जांच करते हुए जिला पंचायत अधिकारी को इस संबंध में आगामी कार्रवाई व तथ्य पेश करने के लिए कहा था। हालांकि मामले को लेकर पिछले साल ही चार्जशीट तैयार हो जानी थी, लेकिन विभाग ने पंचायत चुनाव का हवाला देकर इस कार्य में देरी कर दी। अब जिला पंचायत अधिकारी से रिपोर्ट आने के बाद विजिलेंस थाना धर्मशाला में इन पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है। पुलिस अधीक्षक विजिलेंस राजेश धर्माणी ने बताया कि इन लोगों के अलावा अन्य भी इस केस में शामिल हैं। 25 मार्च को धर्मशाला स्पेशल जज कोर्ट में सभी की पेशी होगी।

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