New Delhi News: दिल्ली की सियासत से जुड़ा एक अहम हिंदी समाचार सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के एक वायरल वीडियो की सच्चाई अब दुनिया के सामने है। फॉरेंसिक जांच में पुलिस ने बड़ा दावा किया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आतिशी ने वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल किया ही नहीं था। यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और एडिटेड पाया गया है। इस खुलासे के बाद जालंधर पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।
फॉरेंसिक जांच में क्या सच आया सामने?
वायरल वीडियो की हकीकत जानने के लिए इसकी फॉरेंसिक जांच कराई गई थी। रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसमें आतिशी की आवाज को एडिट किया गया था। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि उन्होंने ‘गुरु’ शब्द बोला है। लेकिन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने पुष्टि की है कि ऑडियो में ऐसा कोई शब्द नहीं है। यह हिंदी समाचार उन लोगों के लिए झटका है जिन्होंने वीडियो शेयर किया था।
कपिल मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वीडियो दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के अकाउंट से शेयर किया गया था। इस फर्जी वीडियो को जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए वायरल किया गया। वीडियो में भड़काऊ कैप्शन भी लगाए गए थे। इकबाल सिंह नामक व्यक्ति ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद ही पुलिस ने वीडियो को जांच के लिए भेजा था। अब जालंधर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विधानसभा हंगामे का है पूरा मामला
यह पूरा विवाद दिल्ली विधानसभा के एक सत्र से जुड़ा है। वहां प्रदूषण के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ था। आतिशी माइक बंद होने के बाद भी अपनी बात रख रही थीं। इसी दौरान के वीडियो को एडिट करके गलत तरीके से पेश किया गया। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि सच की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा द्वारा साझा किया गया वीडियो पूरी तरह फर्जी है और आतिशी को बदनाम करने की साजिश थी।

