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बड़ी गिरावट: चांदी के दाम 19 हजार रुपये नीचे, सोना भी 1500 रुपये फिसला

Business News: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखी गई है। चांदी के दाम रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 19 हजार रुपये प्रति किलोग्राम नीचे आ गए हैं। सोने की कीमतें भी गुरुवार को 1500 रुपये से अधिक गिर गईं। विशेषज्ञ इसे डॉलर में मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली का असर मान रहे हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का भाव कारोबार के दौरान 10 हजार रुपये गिरकर 2,40,605 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यह दिन का निचला स्तर था। चांदी ने बुधवार को 2,50,605 रुपये पर कारोबार बंद किया था। गुरुवार की शुरुआत 2,51,041 रुपये के भाव से हुई थी।

चांदी के दामों में भारी संकुचन

चांदी के दाम 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। उस दिन चांदी ने 2,59,322 रुपये प्रति किलोग्राम का शिखर छुआ था। तब से अब तक चांदी की कीमतों में 18,717 रुपये की गिरावट दर्ज हुई है। यह एक महत्वपूर्ण मूल्य सुधार माना जा रहा है।

दोपहर 11:50 बजे तक चांदी 8,923 रुपये की गिरावट के साथ 2,41,682 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कीमती धातुओं के बाजार में यह तेज उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

सोने की कीमत में भी बड़ी गिरावट

सोने के दाम भी गुरुवार को दबाव में रहे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 1,509 रुपये गिरकर 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह दिन का न्यूनतम स्तर था। सोने ने बुधवार को 1,38,009 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार बंद किया था।

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गुरुवार को सोने की शुरुआती कीमत 1,37,996 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। बाजार में मौजूदा गिरावट की प्रवृत्ति जारी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी सोने के दाम नरम रहे हैं। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

योर वेल्थ मैनेजमेंट के निदेशक अनुज गुप्ता ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतों पर दोहरा दबाव है। निवेशक मुनाफा वसूली कर रहे हैं और डॉलर सूचकांक में मजबूती आई है। इन दोनों कारकों ने कीमती धातुओं के दाम नीचे खींचे हैं।

गुप्ता ने कहा कि वेनेजुएला से जुड़ी भू-राजनैतिक चिंताओं का असर भी कम हो गया है। इससे बाजार में आई तेजी थम गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

ग्लोबल बाजारों का असर

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राएं कमजोर हुई हैं। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने जैसी धातुओं की मांग कम हो जाती है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर ब्याज दरों में वृद्धि भी सोने के लिए नकारात्मक संकेत है। निवेशक उच्च रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं।

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भारतीय बाजार वैश्विक रुझानों का अनुसरण कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति औंस 1,800 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अगले कुछ हफ्तों में बाजार को प्रभावित करेगी।

शादियों के मौसम पर क्या असर?

शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। आमतौर पर इस दौरान सोने और चांदी की भौतिक मांग बढ़ जाती है। लेकिन इस बार कीमतों में उतार-चढ़ाव ने खरीदारों को सतर्क कर दिया है। कई लोग और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं।

ज्वैलर्स का कहना है कि कीमतें स्थिर होने के बाद ही खरीदारी बढ़ेगी। छोटे खुदरा खरीदार अभी सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि दीर्घकालिक निवेशक इस गिरावट को खरीदारी का अवसर मान सकते हैं। बाजार में अस्थिरता जारी रहने की उम्मीद है।

सोने और चांदी के दाम आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव के साथ चल सकते हैं। विश्लेषक व्यापारियों और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। छोटी अवधि के व्यापारी लाभ लेकर बाहर निकल रहे हैं। दीर्घकालिक निवेशक बाजार में हो रही हर हलचल पर नजर बनाए हुए हैं।

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