Bengaluru News: पावर सेक्टर की उभरती हुई कंपनी अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स अपना आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है। निवेश के लिए यह आईपीओ 12 जनवरी 2026 से खुलेगा और निवेशक 14 जनवरी 2026 तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए 56 से 59 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स का लक्ष्य इस इश्यू के जरिए करीब 35.22 करोड़ रुपये जुटाने का है। यह आईपीओ एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (NSE Emerge) पर लिस्ट होगा। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती डिमांड के बीच इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए लॉट साइज और जरूरी जानकारी
अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स के आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम एक लॉट की बोली लगाना अनिवार्य है। एक लॉट में 2,000 शेयर शामिल हैं, जिसके लिए निवेशकों को न्यूनतम 1.12 लाख रुपये का निवेश करना होगा। अधिकतम आवेदन के लिए 4,000 शेयर यानी 2.24 लाख रुपये की राशि तय की गई है। इस आईपीओ का 35 प्रतिशत हिस्सा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। कंपनी कुल 59.70 लाख शेयर जारी करेगी, जिसमें से अधिकांश नए शेयर (Fresh Issue) होंगे।
क्या करती है अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स?
यह कंपनी बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए कंट्रोल और रिले पैनल्स बनाने का काम करती है। अवाना के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से सोलर प्लांट, विंड पावर प्लांट और ट्रांसमिशन सब-स्टेशनों में होता है। कंपनी के सभी उपकरण अंतरराष्ट्रीय मानकों (IEC Standards) के अनुरूप तैयार किए जाते हैं। यह कंपनी 11 kV से लेकर 220 kV तक के कस्टमाइज्ड पैनल बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स आधुनिक ऑटोमेशन सिस्टम के साथ पूरी तरह से काम करने में सक्षम हैं।
कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भविष्य
अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स की दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बेंगलुरु के पीण्या इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित हैं। यूनिट-I में सालाना 70,000 रिले बनाने की क्षमता है, जबकि यूनिट-II में हर साल 600 कंट्रोल और रिले पैनल्स तैयार किए जाते हैं। कंपनी के पास 31 अगस्त 2025 तक 129 अनुभवी कर्मचारियों की टीम थी। पावर सिस्टम इक्विपमेंट सेगमेंट में कंपनी की मजबूत पकड़ और एडवांस टेस्टिंग सुविधाएं इसे भविष्य के लिहाज से एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
