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बिहार में नशा मुक्ति के लिए बड़ा अभियान: एनकॉर्ड की बैठक में ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प

Bihar News: राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) की 9वीं एपेक्स कमेटी की बैठक हुई। मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

हर जिले में हर महीने होगी बैठक

बैठक की शुरुआत में गृह विभाग ने राज्य में मादक पदार्थों की मौजूदा स्थिति और पिछली बैठक के फैसलों पर प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर एनकॉर्ड की बैठक हर तिमाही और जिला स्तर पर हर महीने अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को एनकॉर्ड पोर्टल पर बैठकों और कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर अपलोड करने को कहा गया।

सैटेलाइट से होगी अवैध खेती की पहचान

अफीम और गांजा की अवैध खेती का पता लगाने के लिए अब सैटेलाइट तकनीक का सहारा लिया जाएगा। BISAG और ADRIN से प्राप्त सैटेलाइट डाटा के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए। इससे अवैध खेती की समय रहते पहचान और उसे नष्ट करने में मदद मिलेगी।

ड्रग सिंडिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी

ड्रग सिंडिकेट्स की प्रभावी पहचान और कार्रवाई के लिए राज्य स्तरीय ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इससे तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।

आध्यात्मिक संगठन करेंगे जागरूकता अभियान

नशामुक्ति के लिए सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की भी योजना बनी। इसके लिए प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर उनके माध्यम से व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

विशेष NDPS कोर्ट और पुनर्वास केंद्रों पर जोर

गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक राज्य में विशेष एनडीपीएस न्यायालयों की स्थापना पर विचार हुआ। ट्रायल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से साक्ष्य पेश करने की व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा जिला स्तर पर नशामुक्ति, पुनर्वास और परामर्श केंद्र खोलने को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

NCB कार्यालय की सुरक्षा बढ़ेगी

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) कार्यालय की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस के जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक के अंत में दोहराया कि सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में नीतिगत समन्वय और जमीनी स्तर पर सभी का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है।

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