New Delhi News: भारत व्यापार की दुनिया में 27 जनवरी को एक बड़ा धमाका करने जा रहा है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील में जारी खींचतान के बीच भारत अब यूरोपीय संघ (EU) के साथ मेगा डील साइन करने की तैयारी में है। यह समझौता पिछले 9 सालों से अटका हुआ था। इस डील के बाद भारत के लिए यूरोप के 27 देशों के दरवाजे बिना किसी रोक-टोक के खुल जाएंगे। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका की मनमानी पड़ी भारी
अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर बात नहीं बन पाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रेड डील में अपनी शर्तों को थोपना चाहते थे। भारत ने जब उनकी मनमानी नहीं मानी, तो यह बातचीत बीच में ही रुक गई। ट्रंप प्रशासन लगातार टैरिफ को लेकर भारत पर दबाव बना रहा था। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। अब भारत ने अमेरिका की जगह यूरोपीय संघ को प्राथमिकता दी है।
27 जनवरी को रचेगा इतिहास
भारत और यूरोपीय संघ के बीच 27 जनवरी को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग सकती है। इस समझौते से भारत के निर्यातकों को यूरोप का एक विशाल बाजार मिलेगा। इस डील के बाद भारतीय सामान बिना किसी कस्टम ड्यूटी या टैक्स के यूरोप के 27 देशों में जा सकेगा। यह अमेरिका के लिए एक बड़ा सबक होगा। अमेरिका के कड़े नियमों से होने वाले नुकसान की भरपाई अब यूरोपीय बाजार से होगी।
136 अरब डॉलर का विशाल कारोबार
यूरोपीय संघ भारत का एक बहुत मजबूत कारोबारी साझेदार है। आंकड़े बताते हैं कि भारत के कुल निर्यात में यूरोपीय बाजार की हिस्सेदारी करीब 17 फीसदी है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच करीब 136.53 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। इसमें भारत ने 75.85 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि 60.68 अरब डॉलर का सामान आयात किया। अमेरिका की नीतियों से यूरोप भी परेशान था, जिससे भारत और ईयू के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)?
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट क्या है। यहाँ आसान शब्दों में समझें:
- क्या होता है: जब दो या अधिक देश आपस में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार पर टैक्स (टैरिफ) हटा देते हैं, तो उसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कहते हैं। इससे व्यापार सस्ता और तेज होता है।
- भारत का प्रदर्शन: भारत ने पिछले 10 सालों में 17 से ज्यादा देशों के साथ ऐसे समझौते किए हैं। इनमें मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और ओमान जैसे देश शामिल हैं।
- यूरोपीय संघ की ताकत: यूरोपीय संघ (EU) में कुल 27 देश शामिल हैं। ये सभी देश साझा नियमों और सहयोग के साथ व्यापार करते हैं। इस डील से भारत की पहुंच इन सभी देशों तक सीधी हो जाएगी।
