Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए गैर-कानूनी तरीके से फलदार पौधे बेचने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर बिना लाइसेंस के यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। बागवानी निदेशालय ने इस मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने अधिकारियों को तुरंत जांच शुरू करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।
फेसबुक और व्हाट्सएप पर अवैध बिक्री
बागवानी निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. बीएस नेगी ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच में पता चला है कि ‘एप्पल म्यूजिक एंड कन्फेशन’ जैसे ग्रुप्स के जरिए व्हाट्सएप और फेसबुक पर इन पौधों का प्रचार और बिक्री हो रही है। हैरानी की बात है कि ये विक्रेता हिमाचल प्रदेश फल नर्सरी पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड नहीं हैं। विभाग ने शिमला के उपनिदेशक को इस संदिग्ध गतिविधि की तथ्यात्मक जांच करने को कहा है।
बिना लाइसेंस कारोबार, कानून का उल्लंघन
निदेशालय ने साफ कर दिया है कि इन विक्रेताओं के पास न तो नर्सरी का लाइसेंस है और न ही बडवुड बैंक की अनुमति। अधिनियम की धारा 3(1) के मुताबिक, बिना वैध लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति फलदार पौधों का उत्पादन या बिक्री नहीं कर सकता है। साथ ही, धारा 3(4) के तहत केवल पंजीकृत बडवुड बैंकों से ही पौधे लेने का नियम है। विभाग ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है।
किसानों और बागवानों के लिए चेतावनी
बागवानी विभाग ने प्रदेश के किसानों और बागवानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे लुभावने और अनधिकृत विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसान केवल सरकार द्वारा पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त नर्सरियों से ही फलदार पौधे खरीदें। अवैध स्रोतों से खरीदे गए पौधे भविष्य में बागवानी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
