केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से आज 1 मई से 45 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को भी वेक्सीन लगाने की घोषणा की थी। लेकिन वेक्सीन प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होने के चलते अभी हिमाचल सरकार ने इसे आज से लगाने का फ़ैसला नहीं लिया है। लेक़िन कुछ ख़ास लोगों को आज ही कोविड कि वेक्सीन लगना शुरू हो गई है। जिसकी शुरूआत आज धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व जलशक्ति मन्त्री की बेटी तथा ज़िला पार्षद बंदना गुलेरिया जिनकी उम्र 45 वर्ष से कम है उन्हें कोविड का टीका लग गया है।

जिसकी जानकारी उन्होंने स्वयं अपने फेसबुक पेज पर शेयर की है।इस बारे पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं और सरकार व स्थानीय प्रशासन से पूछा है कि जब अभी तक हिमाचल सरकार ने 45 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों को टिका अभी न लगाने का फ़ैसला किया है तो मन्त्री की बेटी को ये टिका किस आधार पर लगाया गया है जो सरकार व मन्त्री के दबाब में ही हुआ है। धर्मपुर में तथाकथित इस राजघराने से सबन्ध रखने वाले सदस्यों के लिए सारे नियम व शर्ते माईने नहीं रखती हैं और उनके रुतवे के आधार पर सारी शर्तें बदल दी जाती हैं। इससे पहले भी कोरोना की रोकथाम के लिए जो शर्तें निर्धारित की गई थी उन्हें भी इस परिवार ने कई बार तोड़ा है जिसमें मन्त्री भी शामिल होते रहे हैं।

भूपेंद्र सिंह ने उनसे पूछा है कि जब चोलथरा पँचायत के दलौट गांव में 6 दिन पहले एक 42 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी और उनके दाह संस्कार करने से लेकर आज तक उस परिवार को कोई सहायता मन्त्री और उनकी बेटी जो अपने आप को धाड़ता की बेटी कहती है और जिनका घर महज़ एक किलोमीटर की दूरी पर है। जो कोरोना से हुई मौत वाले दिन वह घर पर ही मौजूद थी लेकिन मृतक के दाह संस्कार से लेकर आज तक कोई मदद इस परिवार व दलौट गांव के लोगों की नहीं कि गई है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें जो सूचनाएं मील रही थी और उस परिवार की उपेक्षा व मानसिक तनाव का पता चला तो वे पँचायत प्रधान व वार्ड पंच के साथ इस परिवार से पिछले कल मिले थे और उनका कोविड टेस्ट करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से तालमेल करके आज पूरा किया जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब इस टेस्ट के बाद उनके रिश्तेदार व गांव के लोग उस परिवार के सदस्यों से मिल सकते हैं।कियूंकि पिछले छह दिन से उनकी पत्नी, भाई, बेटा और माता पिता से कोई भी नहीं मिला है और वे बहुत ही तनाव व तंगी में रह रहे हैं।लेकिन धर्मपुर की जनता को देवी देवता कहने वाले मन्त्री व उनकी बेटी जो इसी पँचायत की निवासी है कहीं पर भी नज़र नहीं आये और वे केवल लोगों को वोटर के रूप में ही पसंद करते हैं और उनका पिछले 30 वर्षों से इस्तेमाल करते रहे हैं।भूपेंद्र सिंह ने स्थानीय प्रशासन व मन्त्री से पूछा है कि वे धर्मपुर की जनता को बताये की अपनी बेटी को 45 वर्ष से कम की उम्र होने पर भी कोविड का टीका किन नियमों के तहत लगाई गई जबकि अभी आम जनता को आज से ये वेक्सीन उपलब्ध नहीं है।

45 से कम उम्र की मन्त्री की बेटी को आज लग गई वैक्सीन

केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से आज 1 मई से 45 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को भी वेक्सीन लगाने की घोषणा की थी लेकिन वेक्सीन प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होने के चलते अभी हिमाचल सरकार ने इसे आज से लगाने का फ़ैसला नहीं लिया है। लेक़िन कुछ ख़ास लोगों को आज ही कोविड कि वेक्सीन लगना शुरू हो गई है।जिसकी शुरूआत आज धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व जलशक्ति मन्त्री की बेटी तथा ज़िला पार्षद बंदना गुलेरिया जिनकी उम्र 45 वर्ष से कम है उन्हें कोविड का टीका लग गया है। जिसकी जानकारी उन्होंने स्वयं अपने फेसबुक पेज पर शेयर की है। इस बारे पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं और सरकार व स्थानीय प्रशासन से पूछा है कि जब अभी तक हिमाचल सरकार ने 45 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों को टिका अभी न लगाने का फ़ैसला किया है तो मन्त्री की बेटी को ये टिका किस आधार पर लगाया गया है जो सरकार व मन्त्री के दबाब में ही हुआ है। धर्मपुर में तथाकथित इस राजघराने से सबन्ध रखने वाले सदस्यों के लिए सारे नियम व शर्ते माईने नहीं रखती हैं और उनके रुतवे के आधार पर सारी शर्तें बदल दी जाती हैं। इससे पहले भी कोरोना की रोकथाम के लिए जो शर्तें निर्धारित की गई थी उन्हें भी इस परिवार ने कई बार तोड़ा है जिसमें मन्त्री भी शामिल होते रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने उनसे पूछा है कि जब चोलथरा पँचायत के दलौट गांव में 6 दिन पहले एक 42 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी और उनके दाह संस्कार करने से लेकर आज तक उस परिवार को कोई सहायता मन्त्री और उनकी बेटी जो अपने आप को धाड़ता की बेटी कहती है और जिनका घर महज़ एक किलोमीटर की दूरी पर है। जो कोरोना से हुई मौत वाले दिन वह घर पर ही मौजूद थी लेकिन मृतक के दाह संस्कार से लेकर आज तक कोई मदद इस परिवार व दलौट गांव के लोगों की नहीं कि गई है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें जो सूचनाएं मील रही थी और उस परिवार की उपेक्षा व मानसिक तनाव का पता चला तो वे पँचायत प्रधान व वार्ड पंच के साथ इस परिवार से पिछले कल मिले थे और उनका कोविड टेस्ट करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से तालमेल करके आज पूरा किया जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब इस टेस्ट के बाद उनके रिश्तेदार व गांव के लोग उस परिवार के सदस्यों से मिल सकते हैं। क्योंकि पिछले छह दिन से उनकी पत्नी, भाई, बेटा और माता पिता से कोई भी नहीं मिला है और वे बहुत ही तनाव व तंगी में रह रहे हैं।लेकिन धर्मपुर की जनता को देवी देवता कहने वाले मन्त्री व उनकी बेटी जो इसी पँचायत की निवासी है कहीं पर भी नज़र नहीं आये और वे केवल लोगों को वोटर के रूप में ही पसंद करते हैं और उनका पिछले 30 वर्षों से इस्तेमाल करते रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने स्थानीय प्रशासन व मन्त्री से पूछा है कि वे धर्मपुर की जनता को बताये की अपनी बेटी को 45 वर्ष से कम की उम्र होने पर भी कोविड का टीका किन नियमों के तहत लगाई गई जबकि अभी आम जनता को आज से ये वेक्सीन उपलब्ध नहीं है।

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