Health News: कई बार हमें अचानक दांत या सिर में तेज दर्द होने लगता है। ऐसे में दवाइयां भी असर करना बंद कर देती हैं। लेकिन आपकी रसोई में मौजूद ‘लौंग’ एक नेचुरल पेन किलर का काम करती है। आयुर्वेद में इसे औषधि रत्न माना गया है। यह बिना किसी साइड इफेक्ट के दर्द से राहत देती है। घरेलू नुस्खे में लौंग का विशेष स्थान है। यह न केवल दर्द बल्कि पेट की समस्याओं और सर्दी-जुकाम में भी रामबाण इलाज साबित होती है।
नेचुरल पेन किलर है लौंग
महंगी दवाओं की जगह लौंग का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर विकल्प है। इसमें कई शक्तिशाली औषधीय गुण छिपे होते हैं। दांत दर्द होने पर लौंग के तेल में भीगी हुई रुई को दांत के गड्ढे में रखें। इससे दर्द में तुरंत आराम मिलता है और दांत के कीड़े भी मर जाते हैं। इसी तरह माइग्रेन या सामान्य सिरदर्द होने पर लौंग का लेप माथे पर लगाने से बहुत सुकून मिलता है। यह नसों को शांत करता है।
पाचन तंत्र और इम्यूनिटी बढ़ाए
पेट दर्द, गैस या अपच की शिकायत होने पर लौंग का रस या इसकी चाय पीना फायदेमंद होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है और भूख बढ़ाती है। लौंग पेट की जलन को शांत करने में भी मदद करती है। इतना ही नहीं, यह शरीर में श्वेत रक्त कणों (White Blood Cells) की संख्या बढ़ाती है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत होती है।
सर्दी-खांसी में असरदार
सर्दियों में लौंग का सेवन अमृत समान है। यह खांसी, जुकाम, हिचकी और सांस लेने में होने वाली तकलीफ को दूर करती है। लौंग कफ और पित्त दोष को शांत करती है। अगर किसी को जोड़ों या कमर में दर्द हो, तो लौंग के तेल से हल्की मालिश करनी चाहिए। मुंह की दुर्गंध दूर करने और गले की खराश मिटाने के लिए लौंग चूसना सबसे आसान उपाय है।
इन बातों का रखें ध्यान
लौंग की तासीर काफी गर्म होती है। इसलिए इसका इस्तेमाल हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा लौंग खाने से शरीर में गर्मी, सूजन या पित्त बढ़ सकता है। जिन लोगों को एसिडिटी या गर्मी की समस्या रहती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी गंभीर स्थिति में या नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

