भगौड़े विजय माल्या की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिया संपति नीलम करने का अधिकार

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RIGHT NEWS DESK


विजय माल्या को लोन देने वाले बैंकों के लिए राहत भरी खबर है। PMLA कोर्ट ने कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की तरफ से उसकी जितनी संपत्ति सीज की गई है, बैंकों का कंसोर्टियम उससे अपनी वसूली कर सकता है। ED ने एक मामले में विजय माल्या की संपत्ति को सीज किया था। बैंकों के कंसोर्टियम की मांग थी कि उसे अपने कर्ज के भुगतान के लिए उस प्रॉपर्टी की एक्सेस मिले।

उस प्रॉपर्टी को अपने अधिकार क्षेत्र में लेने के मकसद से बैंकों की तरफ से डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल बेंगलुरू में मामला दर्ज किया गया था। DRT ने बैंकों के पक्ष में फैसला सुनाया था लेकिन एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने शुरू में इस फैसले का विरोध किया था।

बाद में ED ने कहा कि उसे बैंकों के एक्शन से कोई समस्या नहीं है, जिसके बाद PMLA कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। यह फैसला 24 मई को जारी किया गया है।

माल्या को बैंकों ने दिया था 9000 करोड़ का लोन

25 मई को विजय माल्या से संबंधित सात कंपनियों ने कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया। विरोध के बावजूद PMLA कोर्ट ने बैंकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। बता दें कि SBI के नेतृत्व में 17 बैंकों के कंसोर्टियम ने विजय माल्या को 9000 करोड़ का लोन दिया था। अब रिकवरी के लिए बैंक की तरफ से उसकी प्रॉपर्टी पर एक्शन लिया जाएगा। बैंक इस प्रॉपर्टी की नीलामी भी करवा सकता है। माना जा रहा है कि इसमें विजय माल्या की चल और अचल दोनों संपत्तियां शामिल हैं और इसकी वैल्यू हजारों करोड़ में है।

ब्रिटेन की अदालत से एक और झटका

इधर ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन की एक अदालत ने माल्या की भारत में कानूनी कार्रवाई के खर्च को पूरा करने के लिए, अदालत द्वारा रोके गए पैसे निकालने की मांग से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह 7.69 करोड़ रुपए यानी 7,50,000 पाउंड की अपनी मांग के समर्थन में पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहे हैं। ब्रिटेन के हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रॉबर्ट माइल्स ने भरातीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले भारतीय बैंकों के एक समूह के पक्ष में फैसला सुनाया।


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