Dhaka News: बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। यहां अल्पसंख्यकों की स्थिति अब पाकिस्तान जैसी हो गई है। सोमवार को चटगांव में एक और हिंदू युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। अपराधियों ने समीर दास नामक ऑटो चालक को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना मोहम्मद युनुस सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
चाकू मारकर लूटा ई-रिक्शा
डागनभुयां इलाके में रविवार रात इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। हमलावरों ने 28 वर्षीय समीर दास को पहले बुरी तरह पीटा। इसके बाद चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। अपराधी समीर की जान लेने के बाद उसका बैटरी वाला रिक्शा लूटकर फरार हो गए। स्थानीय पुलिस ने इसे एक पूर्व नियोजित घटना बताया है। पुलिस ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार जल्द ही एफआईआर दर्ज कराएगा।
चुनाव से पहले बढ़ा खौफ
बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक 10 प्रतिशत से भी कम हैं। फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले देश में अशांति और हिंसा बढ़ गई है। ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल’ ने हमलों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने अल्पसंख्यक समुदाय को दहशत में डाल दिया है। सरकार की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
भारत ने दी सख्त चेतावनी
भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हमले बर्दाश्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि घरों और कारोबार पर हो रहे हमलों को तत्काल रोका जाना चाहिए। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं पर प्रशासन की लापरवाही अपराधियों का हौसला बढ़ाती है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
