Sports News: बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से पहले रिलीज कर दिया है। इस फैसले ने एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश के खेल मंत्री आसिफ नजरुल ने इसकी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बड़ी धमकी दी है।
नजरुल ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब आईसीसी से अनुरोध करेगा। वह टी20 विश्व कप 2026 में बांग्लादेश के मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग करेगा। इस पोस्ट ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।
खेल मंत्री आसिफ नजरुल कौन हैं?
आसिफ नजरुल बांग्लादेश कीअंतरिम सरकार में यूथ एंड स्पोर्ट्स के एडवाइजर हैं। उन्हें दिसंबर 2025 में यह पद सौंपा गया था। वह ढाका विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर भी रह चुके हैं। नजरुल एक सक्रिय राजनीतिक विश्लेषक के रूप में भी जाने जाते हैं।
1966 में जन्मे नजरुल के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। वह केवल खेल मंत्री ही नहीं हैं। उन्हें कानून-न्याय, संसदीय मामलों और विदेश में रोजगार जैसे विभागों का भी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाई खलबली
मुस्तफिजुर रहमान केआईपीएल से बाहर होने के बाद आसिफ नजरुल ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने इस पोस्ट में बीसीसीआई के फैसले की कड़ी आलोचना की। नजरुल ने लिखा कि वे बांग्लादेश क्रिकेट या उनके खिलाड़ियों की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि बीसीबी आईपीएल के प्रसारण को बांग्लादेश में बैन करने का अनुरोध भी करेगा। यह कदम भारतीय क्रिकेट प्रशासन के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है। इस पोस्ट ने दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में नई कटुता ला दी है।
आईसीसी के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
बांग्लादेश कीयह मांग आईसीसी के लिए एक जटिल समस्या बन सकती है। टी20 विश्व कप 2026 के आयोजन में मात्र एक महीना शेष रह गया है। ऐसे में टूर्नामेंट के शेड्यूल और स्थान में बदलाव करना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।
आईसीसी को अब दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। वैश्विक क्रिकेट निकाय को बीसीसीआई और बीसीबी दोनों की बात सुननी होगी। इस मामले में तटस्थ और न्यायसंगत निर्णय लेना आसान नहीं होगा।
भारत में भी उठ रहे हैं सवाल
बीसीसीआई केफैसले पर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्षी नेता शशि थरूर ने इस कदम की आलोचना की है। उनका मानना है कि ऐसे फैसले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।
कुछ क्रिकेट विश्लेषकों का मत है कि बीसीसीआई को यह फैसला और अधिक सूझबूझ से लेना चाहिए था। उनका तर्क है कि आईपीएल एक वैश्विक टूर्नामेंट है और इसमें अंतरराष्ट्रीय राजनीति से बचना चाहिए। पर बीसीसीआई ने अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया।
एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कुछ मतभेदों का परिणाम है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पहले भी अपने खिलाड़ियों की आईपीएल में भागीदारी को लेकर चिंतित रहा है। यह नया विवाद इन्हीं मुद्दों की निरंतरता प्रतीत होता है।
अब सभी की नजर आईसीसी पर टिकी है। वैश्विक निकाय को इस संकट का समाधान निकालना होगा। टी20 विश्व कप का सफल आयोजन सभी क्रिकेट प्रेमियों की प्राथमिकता है। इसलिए दोनों पक्षों के बीच शीघ्र संवाद की आवश्यकता है।

