Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। शाहबाजपुर इलाके में बाथरूम में गीजर से गैस लीक हो गई। इससे नहाते समय चार साल के एक बच्चे की मौत हो गई। उसका 11 साल का भाई गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। दोनों भाई बाथरूम में नहाने गए थे। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था। काफी देर तक बाहर न आने पर परिवार को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर देखा तो दोनों बेहोश पड़े थे।
दरवाजा तोड़ने पर मिली दर्दनाक तस्वीर
दोनोंबच्चों के काफी देर तक बाथरूम से न निकलने पर मां रुखसार ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस पर परिवार और पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर लोगों ने देखा कि दोनों बच्चे जमीन पर बेहोश पड़े हैं।
तुरंत दोनों को बदायूं जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान चार साल के रियान की मौत हो गई। ग्यारह साल के अयान की हालत गंभीर देखकर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। बड़े अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
गीजर से निकली जहरीली गैस बनी वजह
स्थानीय थानाप्रभारी संजय सिंह ने बताया कि गीजर से जहरीली गैस लीक हुई। इस गैस और धुएं ने बाथरूम का वातावरण जहरीला बना दिया। दोनों बच्चों का दम घुटने से हादसा हुआ। चार साल के बच्चे की वहीं मौत हो गई।
पुलिस ने घटना स्थल पर जांच शुरू कर दी है। बाथरूम में लगे गीजर की तकनीकी जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में गैस लीक की पुष्टि हुई है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के बाद होगी।
परिवार और इलाके में छाया शोक
इस दर्दनाक हादसेसे पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मोहम्मद सलीम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे शाहबाजपुर इलाके में शोक का माहौल है। लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। हादसे की सभी परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार हो रहा है। सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल
यह घटनाघरेलू उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गीजर जैसे उपकरणों की नियमित जांच जरूरी होती है। वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था भी आवश्यक है। बाथरूम में अकेले छोटे बच्चों को नहाने देना खतरनाक हो सकता है।
सुरक्षा निर्देशों का पालन करना हर घर के लिए जरूरी है। गैस लीक डिटेक्टर जैसे उपकरण प्राण बचा सकते हैं। इस दुर्घटना ने सभी को सतर्क रहने की सीख दी है। ऐसे हादसों से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस घटना ने पूरे समुदाय को हिला कर रख दिया है। छोटे बच्चे की अकाल मौत ने सभी को दुखी किया है। दूसरे बच्चे के स्वस्थ होने की प्रार्थना सभी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है।

