Himachal News: अगर आप हिमाचल प्रदेश में एडवेंचर का मजा लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब आप हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर ट्रेकिंग नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने इस पर सख्त रोक लगा दी है। यह फैसला खराब मौसम और हाल ही में हुई घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।
3000 मीटर से ऊपर जाने पर पूरी तरह रोक
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला प्रशासन ने 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी ट्रेक रूट्स को बंद कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। सर्दियों में अचानक मौसम बदल जाता है। ऐसे में ऊंचे पहाड़ों पर जाना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन अब किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता है।
इन जगहों के लिए लेनी होगी पुलिस की परमिशन
प्रशासन ने सिर्फ रोक ही नहीं लगाई है, बल्कि नियम भी सख्त कर दिए हैं। ट्रियुंड, करेरी और आदि हिमानी चामुंडा जैसे मशहूर ट्रेक रूट्स पर जाने के लिए अब पहले से अनुमति लेनी होगी। पर्यटकों को कांगड़ा पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय से इजाजत लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के इन रास्तों पर ट्रेकिंग करना गैरकानूनी माना जाएगा। हिमाचल प्रदेश आने वाले हर पर्यटक को इन नियमों का पालन करना होगा।
खराब मौसम में रद्द हो जाएगी सारी अनुमति
हिमाचल प्रदेश में मौसम कब बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रशासन ने फैसला लिया है कि मौसम विभाग की चेतावनी आते ही सारी अनुमतियां रद्द मानी जाएंगी। अगर शिमला मौसम केंद्र बारिश या बर्फबारी का अलर्ट जारी करता है, तो ट्रेकर्स को आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसका मकसद पर्यटकों को भारी बर्फबारी या खतरनाक रास्तों में फंसने से बचाना है।
रेस्क्यू टीमों को नियमों से मिली छूट
यह प्रतिबंध आम पर्यटकों के लिए है, लेकिन राहत बचाव दलों पर यह लागू नहीं होगा। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पुलिस की रेस्क्यू टीमें अपना काम करती रहेंगी। इसके अलावा मैक्लोडगंज स्थित माउंटेनियरिंग सेंटर को भी इस रोक से बाहर रखा गया है। आपदा के समय ये टीमें ही लोगों की जान बचाने का काम करती हैं। इसलिए इन्हें आवाजाही की पूरी छूट दी गई है।
दिल्ली के पर्यटकों के साथ हुए हादसे के बाद लिया फैसला
यह सख्त फैसला अचानक नहीं लिया गया है। हाल ही में दिल्ली के चार ट्रेकर्स धौलाधार रेंज में रास्ता भटक गए थे। वे त्रिउंड ट्रेक पर लापता हो गए थे, जिन्हें बाद में रेस्क्यू किया गया। बिना तैयारी के ट्रेकिंग करना कितना खतरनाक हो सकता है, यह घटना इसका सबूत है। हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने होटल मालिकों और ट्रैवल एजेंटों को भी निर्देश दिए हैं। उन्हें पर्यटकों को इन नए नियमों के बारे में साफ-साफ बताना होगा।

