अभी एम्स बनना बाकी है लेकिन भ्रष्टाचार शुरू हो चुका है। आज बिलासपुर के निर्माणाधीन एम्स में भ्रष्टाचार पर इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष भगतसिंह वर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बिलासपुर कोठीपुरा में निर्माणाधीन एम्स हॉस्पिटल में पवन सिक्योरिटी 2 साल से काम कर रही है। परन्तु यहां एम्स में सिक्योरिटी पर जो लोह रखे गए है उनको सही से वेतन और मेडिकल सुविधाएं नही दी जा रही है। उनका वेतन भी पहले से कम कर दिया गया है और उसका कारण सेकुरिटी गार्ड्स को दी जाने वाली वर्दी के पैसे काटना बताया जा रहा है। सेकुरिटी गार्ड्स को वेतन भी नौ हजार रुपये दिए जा रहे हैं जबकि सरकार ने न्युनतम वेतन 18000/ से 19000/ का आदेश दिया गया है।

भगत सिंह वर्मा का कहना है कि यहा धांधली से लोगों को ठगा जाता है क्योंकि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ और लालच़ में दूसरों के हितों से खिलवाड़ कर रहे है। कुछ लोग दो दो जगह काम कर रहे हैं। जोकि भ्रष्टाचार है। यहां तहत से लोग मिली भगत के साथ काम करते है। नेताओं के दबाब की राजनीति यहां भारी पड़ रही है।

इंटक प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि एम्स में जो सेकुरिटी गार्ड रखे जा रहे है वह सब चोर दरवाजों से भर्ती किए जा रहे है। ना तो यहां आम आदमियों को भर्ती के बारे कोई सूचना दी जाती है और ना ही पंचायत प्रतिनिधियों को इस बारे कुछ पता होता है। जबकि लोगों की मांग थी कि यहां और सबसे पहले लोकल लोगों को रोजगार का अवसर दिया जाए। प्रेस वार्ता में इंटक के उपाध्यक्ष अधिवक्ता भगतसिंह बर्मा सलाहकार हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति के अध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा रिटायर्ड, अधिवक्ता अमीत कुमार शर्मा, कोठीपुरा पंचायत प्रधान नंदलाल ठाकुर, राजपुरा के पूर्व प्रधान सतदेव, उप प्रधान कुलदीप, सूबेदार मेजर सुभाष चंद, और स्थानिया लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। सभी सिक्योरिटी गार्डों ने अपनी मांग और परेशानियां बताई। अभी वहां के लोकल लोगों को आश्वासन दिया गया है कि उनको भी रोजगार के अवसर दिया जाएगा।

By RIGHT NEWS INDIA

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