ग्राम पंचायत मुरहाग में हुए कामों के धरालत से गायब होने पर उठे सवालों के चलते हर ओर हड़कंप मचा हुआ है। जबकि राइट न्यूज़ इंडिया की ओर से ना तो किसी पर कोई आरोप लगाया गया है और ना ही किसी को दोषी करार दिया गया है। रिपोर्टिंग में केवल उन स्थानों को दर्शाया गया था जहां से कागजों में दर्शाए गए काम नही पाए गए। अब यह मामला एक नया मोड़ ले रहा है, पंचायत के पूर्व प्रतिनिधि और अधिकारी सामने आने लगे है। इन्होंने कुछ वीडियो जारी किए है जिसमें कहीं का काम कहीं दिखाया जा रहा है। एक वीडियो में पूर्व प्रधान घर्ट नाला में बने हुए शमशान घाट को घाट गांव में बना शमशान घाट बता रहे है। जबकि इन दोनों स्थानों में एक किलोमीटर से ज्यादा का फासला है और दोनों कामों की अलग अलग नाम से पंचायतीराज की वेबसाइट पर एंट्री है। दूसरे वीडियो में राकनी से मुझार के लिए निकाली गई सड़क को डुगली एम्बुलेन्स सड़क बताया जा रहा है।

एक वीडियो में स्थानीय निवासी भी दोषियों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे है। लेकिन अगर धरातल की बात की जाए तो ना तो ग्रामवासियों ने कोई काम दिखाया और ना ही किसी एक काम की सही से जांच की गई है। बल्कि उलटा कामों को यहां से वहां दिखाया जा रहा है। जोकि एक बड़ी धांधली की ओर साफ साफ इशारा करता है। भले ही पंचायत निवासी या पूर्व जनप्रतिनिधि जानकारी को कितना भी नकारे, लेकिन अगर सही जगह की बात की जाए तो किसी भी जगह कोई काम दिखाने को तैयार नही है।

जानकारी के मुताबिक कुछ पत्रकार मौके पर गए थे। वह भी केवल ग्रामीणों और पूर्व जनप्रतिनिधि के कहने के मुताबिक सही मान रहे है। लेकिन धरातल पर कामों के फोटो या वीडियो में काम दर्शाने में बुरी तरह असफल हुए है। उधर अभी तक इन कामों में दोषियों को सामने लाने के बारे कोई कार्यवाही नही हुई है। बल्कि हर हाल में दोषियों को बचाने का प्रयास होता नजर आ रहा है।

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